सीकर से मिला बड़ा सुराग, NEET पेपरलीक मामले में चर्चित केमिस्ट्री टीचर की भूमिका जांच के दायरे में

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सीकर। देशभर में मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के बड़े केंद्र के रूप में पहचान रखने वाले सीकर का नाम अब NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में भी चर्चा में आ गया है। मामले की जांच कर रही सीबीआई अब उन लोगों की भूमिका खंगाल रही है, जिनके तार मुख्य आरोपी दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल से जुड़े बताए जा रहे हैं। इसी क्रम में सीकर के एक चर्चित केमिस्ट्री टीचर और पूर्व कोचिंग संचालक की भूमिका की सघन जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, फिलहाल जांच एजेंसी ने संबंधित केमिस्ट्री टीचर के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है, लेकिन बिवाल परिवार और उनके कोचिंग संस्थान के बीच संबंधों तथा आर्थिक लेन-देन की गहन पड़ताल की जा रही है।

जांच में सामने आया है कि पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपियों के परिवार के तीन बच्चे वर्ष 2025 में NEET की तैयारी के लिए सीकर आए थे। बताया जा रहा है कि ये छात्र उसी कोचिंग संस्थान में पढ़ते थे, जिसे संबंधित केमिस्ट्री टीचर संचालित कर रहे थे। इन छात्रों की तस्वीरों का उपयोग संस्थान के प्रचार-प्रसार, पोस्टर और होर्डिंग्स में भी किया गया था।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि छात्रों के एडमिशन और उनके प्रदर्शन को लेकर कहीं कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय तो नहीं था। इसी एंगल से पूरे मामले की जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि संबंधित केमिस्ट्री टीचर लंबे समय से सीकर के कोचिंग क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और पिपराली रोड स्थित कई संस्थानों में काम कर चुके हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने एक पार्टनर के साथ नया कोचिंग संस्थान शुरू किया था, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद मार्च 2025 में उन्होंने अलग से नया सेंटर शुरू किया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह संस्थान कुछ महीनों बाद अचानक बंद हो गया। हालांकि बाहर लगे पोस्टर, बैनर और साइनबोर्ड अब भी लगे हुए हैं, जिससे संस्थान चालू होने का आभास होता है।

सीबीआई की जांच में “The Master Stroke” नाम का एक स्टडी मॉड्यूल भी सामने आया है, जिसे कथित तौर पर गेस पेपर के रूप में प्रचारित किया जाता था। दावा किया जाता था कि इसमें दिए गए सवाल परीक्षा में आने की संभावना रखते हैं। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस मॉड्यूल के जरिए लीक प्रश्नों को छात्रों तक पहुंचाने का काम तो नहीं किया गया।

सूत्रों के अनुसार संबंधित केमिस्ट्री टीचर के राजनीतिक संपर्क भी बताए जा रहे हैं। सीकर में संस्थान बंद होने के बाद वे कुछ समय तक दूसरे संस्थान से जुड़े रहे और बाद में नागौर जिले के लाडनूं स्थित एक कोचिंग सेंटर में चले गए। जांच एजेंसियां उनके इस बदलाव और समय को भी जांच के दायरे में रखे हुए हैं।

फिलहाल सीबीआई पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और मामले से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।