LPG गैस किल्लत पर मच रही खलबली, अब भजनलाल सरकार का आया ये जवाब; पढ़े खबर
Rajasthan: ईरान-इजरायल और मिडिल ईस्ट के कई देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मचा दी है।राजस्थान में भी गैस सिलेंडरों की संभावित कमी और कालाबाजारी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं। इन खबरों को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तुरंत सक्रिय हो गया है।
विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बुधवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर सभी जिला रसद अधिकारियों (DSO) को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में रसोई गैस की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।
अफवाहों से बचने की अपील, गैस की पर्याप्त उपलब्धता:-
समीक्षा बैठक के बाद शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने तेल और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ स्थिति का आकलन किया और बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अफवाहों के आधार पर पैनिक बुकिंग न करें। सरकार के अनुसार कंपनियों के पास आने वाले कई दिनों का अग्रिम स्टॉक सुरक्षित है और सप्लाई चेन को और अधिक मजबूत बनाया गया है।
रसद अधिकारियों को सख्त निर्देश:-
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी जिलों के रसद अधिकारियों को मुख्यमंत्री के सुशासन विजन के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए गए।
- स्टॉक की निगरानी: प्रत्येक जिले में गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित जांच करने को कहा गया है।
- कालाबाजारी पर सख्ती: यदि किसी एजेंसी द्वारा कृत्रिम कमी पैदा कर अवैध वसूली या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता:-
तनावपूर्ण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने आवश्यक सेवाओं की निर्बाध व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है। शासन सचिव ने कहा कि:
- अस्पतालों में गैस की कमी नहीं होनी चाहिए, चाहे वह ऑक्सीजन प्लांट हो या कैंटीन की जरूरत।
- हॉस्टल और मेस वाले शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि छात्रों की भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो।
- यदि किसी संस्थान को सप्लाई में दिक्कत आती है तो संबंधित DSO तुरंत हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करेगा।
तेल कंपनियों के साथ समन्वय:-
बैठक में Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कंपनियों ने आश्वासन दिया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद राजस्थान के लिए आवंटित गैस कोटे में किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई है। सप्लाई चेन को डिजिटल सिस्टम के जरिए ट्रैक किया जा रहा है ताकि किसी भी जिले में कमी होने पर तुरंत अतिरिक्त आपूर्ति भेजी जा सके।
विधानसभा में उठे मुद्दे के बाद बढ़ी सक्रियता:-
उल्लेखनीय है कि हाल ही में राजस्थान विधानसभा में विपक्ष ने गैस की कीमतों और कमर्शियल सिलेंडरों की कथित कमी को लेकर हंगामा किया था और सदन से वॉकआउट भी किया था। ऐसे में सरकार की यह त्वरित कार्रवाई आमजन की चिंताओं को दूर करने और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भरोसा कायम करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। इस बैठक में अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम सागर सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।