Rajasthan Panchayat Election: पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश में हलचल, इस बार बदल सकता है चुनावी समीकरण
Rajasthan Panchayat Election: पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश में हलचल, इस बार बदल सकता है चुनावी समीकरण
बीकानेर। पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। सीएमआर में आयोजित बैठकों में पहले संभागवार और उसके बाद संगठन जिलों के स्तर पर रणनीति पर चर्चा की गई। इन बैठकों में मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma, प्रदेशाध्यक्ष Madan Rathore और पूर्व मुख्यमंत्री Vasundhara Raje ने नेतृत्व किया।
बीकानेर संभाग की बैठक में केंद्रीय कानून मंत्री Arjun Ram Meghwal तथा ओंकार सिंह लखावत भी मौजूद रहे। बैठक में आगामी पंचायत व निकाय चुनावों को लेकर पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। सूत्रों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया में इस बार कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
पंचायत चुनाव पहले कराने के संकेत:-
संकेत मिले हैं कि इस बार पंचायत चुनाव पहले कराए जा सकते हैं और उसके बाद निकाय चुनाव होंगे। पंचायत चुनाव का पहला चरण मार्च में शुरू होने की संभावना जताई गई है। चर्चा यह भी रही कि पहले पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों का चुनाव कराया जाए, उसके बाद सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव हों।
आमतौर पर पंचायत राज चुनाव में सरपंच पद को लेकर ज्यादा राजनीतिक गर्मी रहती है, जिसका असर पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनावों पर भी पड़ता है। ऐसे में इस बार चुनाव क्रम में बदलाव की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
चुनाव संचालन समितियां बनाने के निर्देश:-
बैठक में पंचायत समिति स्तर और जिला परिषद स्तर पर अलग-अलग चुनाव संचालन समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए। इन समितियों का काम ग्रामीण क्षेत्रों में बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और चुनावी तैयारियों को व्यवस्थित करना होगा।
शहर व देहात की अलग बैठकें:-
बीकानेर शहर जिला संगठन की बैठक में जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़, विधायक सिद्धि कुमारी, जेठानंद व्यास सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं बीकानेर देहात जिला बैठक में अशोक परनामी, जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, बलवीर बिश्नोई, बिहारीलाल बिश्नोई, विधायक अंशुमान सिंह, ताराचंद सारस्वत, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल सहित अन्य नेता शामिल हुए।
सूत्रों के मुताबिक पंचायत चुनाव मार्च में और निकाय चुनाव संभवतः अप्रैल-मई में कराए जा सकते हैं। हालांकि अंतिम कार्यक्रम की घोषणा निर्वाचन आयोग द्वारा ही की जाएगी।