बीकानेर: खेजड़ी बचाओ आंदोलन तेज, छठे दिन 50 लोग क्रमिक अनशन पर बैठे, भजनों के जरिए जताया विरोध
बीकानेर: खेजड़ी बचाओ आंदोलन तेज, छठे दिन 50 लोग क्रमिक अनशन पर बैठे, भजनों के जरिए जताया विरोध
Bikaner: राजस्थान के राजकीय वृक्ष ‘खेजड़ी’ को बचाने की मांग अब प्रदेशव्यापी स्वर ले चुकी है। बीकानेर कलेक्ट्रेट पर चल रहा महापड़ाव शनिवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलनकारियों ने अब रणनीति बदलते हुए क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भाग ले रही हैं।
भजन-कीर्तन से जताया विरोध:-
धरना स्थल पर शनिवार को अनोखा दृश्य देखने को मिला। अनशन पर बैठी महिलाओं ने मंजीरे और ढोलक के साथ भजन-कीर्तन किया। उनका कहना है कि यह शांतिपूर्ण विरोध सरकार का ध्यान खेजड़ी संरक्षण की ओर आकर्षित करने के लिए है। वातावरण भक्तिमय रहा, लेकिन संकल्प अडिग दिखाई दिया।
प्रदेशभर से मिल रहा समर्थन:-
आंदोलन को अब अन्य जिलों से भी समर्थन मिलने लगा है। नागौर, सांचौर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से लोग धरना स्थल पहुंच रहे हैं। साथ ही हरियाणा और पंजाब से भी पर्यावरण प्रेमी समर्थन देने पहुंचे हैं, जिससे आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
ट्री एक्ट की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी:-
हालांकि सरकार ने बीकानेर और जोधपुर संभाग में खेजड़ी की कटाई पर रोक का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारी पूरे राजस्थान में हरे पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध चाहते हैं। उनकी मांग है कि विधानसभा सत्र में सख्त ‘ट्री एक्ट’ पारित कर कानूनी रूप दिया जाए।
‘कानून बने बिना नहीं हटेंगे’
आंदोलनकारियों का कहना है कि खेजड़ी केवल पेड़ नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर है। जब तक राज्यभर में संरक्षण के लिए कड़ा कानून नहीं बनता, महापड़ाव और क्रमिक अनशन जारी रहेगा।