साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत में नया मोड़, अब नारको टेस्ट से बाहर आएगा सच, 40 से अधिक लोग जांच के घेरे में

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साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत में नया मोड़, अब नारको टेस्ट से बाहर आएगा सच, 40 से अधिक लोग जांच के घेरे में

Sadhvi Prem Baisa Death Case: जोधपुर जिले के बोरानाडा थाना क्षेत्र स्थित पाल गांव के आरती नगर आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के दस दिन बाद भी रहस्य बरकरार है। पुलिस जांच इंजेक्शन के संभावित रिएक्शन या जहर के एंगल पर केंद्रित है, लेकिन अब तक स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि साध्वी को लगाए गए इंजेक्शन किस चिकित्सक की सलाह पर दिए गए थे। इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर से दोबारा पूछताछ की तैयारी है। जरूरत पड़ने पर पुलिस नारको टेस्ट कराने पर भी विचार कर रही है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर स्थिति स्पष्ट होगी।

37 से अधिक लोगों के बयान दर्ज:-

सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा के अनुसार, मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। अब तक 37 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, आश्रम से जुड़े लोग, परिजन और सोशल मीडिया संचालन से जुड़े व्यक्ति शामिल हैं।

28 जनवरी को तबीयत बिगड़ने के बाद साध्वी को अस्पताल ले जाने और मृत्यु उपरांत आश्रम वापस लाने तक का रूट चार्ट भी पुलिस ने तैयार किया है।

धमकी या दबाव की जांच:-

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं साध्वी को किसी प्रकार की धमकी या मानसिक दबाव तो नहीं था। इसके लिए उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स, पोस्ट और संदेशों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही उनकी स्वास्थ्य संबंधी पिछली मेडिकल हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है।

मोबाइल डाटा की जांच जारी:-

साध्वी और अन्य संबंधित व्यक्तियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। साध्वी के मोबाइल से करीब 40 संपर्क नंबरों की पहचान की गई है, जिनसे पूछताछ कर कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।

मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम के दौरान साध्वी के शरीर से विसरा प्रिजर्व किए गए थे। साथ ही कुछ और नमूने भी लिए गए हैं। जो जांच के लिए एफएसएल भेजे गए हैं। पुलिस ने साफ किया है कि आवश्यकता पड़ने पर पोलीग्राफ या नारको टेस्ट भी कराया जा सकता है।