राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में ‘जहरीला खेल’ बेनकाब: छह माह में तीसरी अवैध फैक्टरी पकड़ी, ऐसे हुआ खुलासा
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में ‘जहरीला खेल’ बेनकाब: छह माह में तीसरी अवैध फैक्टरी पकड़ी, ऐसे हुआ खुलासा
धोरीमन्ना/बाड़मेर। सरहदी जिला बाड़मेर एक बार फिर एमडी ड्रग निर्माण के बड़े खुलासे से चर्चा में है। पिछले छह महीनों में तीसरी बार एमडी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई है। सेड़वा थाना क्षेत्र के भेरुड़ी गांव में गुरुवार को पुलिस ने धोरों के बीच एक खेत में संचालित अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यह स्थान 23 जुलाई 2025 को पकड़ी गई कारटीया फैक्ट्री से महज 12 किलोमीटर दूर है। आशंका है कि दोनों इकाइयां एक ही नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं।
प्रारंभिक जांच में खेत मालिक रामजीवन को हिरासत में लिया गया है। उसने पूछताछ में बताया कि बरामद माल उसके चचेरे भाई रणाराम से संबंधित है। पुलिस को अंदेशा है कि कारटीया में कार्रवाई के बाद इस फैक्ट्री को बंद कर छिपाकर रखा गया था, ताकि संदेह न हो।
एक महीने से चल रहा था काम:-
सूत्रों के मुताबिक, करीब एक माह पहले यहां केमिकल और पाउडर पहुंचाया गया था। विशेषज्ञ बुलाकर एमडी तैयार करवाई जाती थी। सूचना मिलते ही एसपी नरेंद्रसिंह मीणा के निर्देश पर एएसपी नितेश आर्य के सुपरविजन में चौहटन वृत्ताधिकारी जेठाराम, सेड़वा थानाधिकारी प्रभूराम और एएनटीएफ प्रभारी महिपालसिंह टीम सहित मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की।
ऐसे हुआ खुलासा:-
एएनटीएफ टीम एक इनामी बदमाश की तलाश में भेरुड़ी गांव पहुंची थी। दबिश के दौरान आरोपी भाग निकला और पीछा करते हुए पुलिस धोरों के बीच एक सुनसान स्थान तक पहुंची। वहां टिनशेड से बनी झोपड़ीनुमा संरचना संदिग्ध मिली। तलाशी में आसपास जमीन पर फैला केमिकल, तेज दुर्गंध और जहरीले तत्वों के संकेत मिले, जिसके बाद फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ।
दुर्गम इलाका, पैदल पहुंची टीमें:-
इलाका इतना सुनसान है कि वहां तक कोई पक्का रास्ता नहीं है। पुलिस और तकनीकी टीमें पैदल धोरों को पार कर मौके तक पहुंचीं। आसपास दूर-दूर तक आबादी नहीं है, केवल कुछ दूरी पर एक मकान स्थित है।
एनसीबी और एफएसएल की जांच:-
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनसीबी जोधपुर की टीम को बुलाया गया है। एफएसएल सहित अन्य तकनीकी दल मौके से सैंपल जुटा रहे हैं। ड्रग की गुणवत्ता, सप्लाई चैन और अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच की जा रही है।
बड़े नेटवर्क के संकेत:-
प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह फैक्ट्री किसी बड़े सिंडिकेट का हिस्सा हो सकती है। रेगिस्तानी इलाके में इस तरह की गतिविधि तस्करों की नई रणनीति की ओर इशारा करती है।
बाड़मेर में पहले पकड़ी गई एमडी फैक्ट्रियां:-
केस 1 – 19 दिसंबर 2025 (सदर थाना क्षेत्र)
करीब 80 करोड़ रुपये की 40 किलो तैयार एमडी बरामद। 50 करोड़ की एमडी बनाने लायक सामग्री भी मिली। दो आरोपी गिरफ्तार।
केस 2 – 23 जुलाई 2025 (सेड़वा थाना क्षेत्र)
40 लाख रुपये का केमिकल और उपकरण जब्त। अनुमानित 100 करोड़ की एमडी तैयार होनी थी। अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार।