78वें सेना दिवस पर ऐतिहासिक परेड, पहली बार छावनी से बाहर आयोजन, टैंक-मिसाइल-फाइटर जेट्स ने दिखाया सेना का शौर्य
Jaipur: महल रोड पर जगतपुरा क्षेत्र में 78वां सेना दिवस समारोह पूरे शौर्य और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। यह पहला अवसर है जब सेना की परेड किसी सैन्य छावनी के बाहर आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मिजोरम के राज्यपाल वी.के. सिंह हैं। परेड की शुरुआत से पहले करीब 10 मिनट का सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जिसमें वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया। इसके बाद सेना की भव्य परेड शुरू हुई, जो सुबह 11:25 बजे तक चलेगी।

परेड स्थल पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान, मिजोरम के राज्यपाल वी.के. सिंह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ सैन्य व संवैधानिक अधिकारी मौजूद रहे। इस ऐतिहासिक परेड को देखने के लिए डेढ़ लाख से अधिक लोग पहुंचे।

इससे पहले सुबह 9 बजे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ और एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एडवांस्ड मुख्यालय पश्चिमी वायु कमान) के साथ आर्मी एरिया स्थित प्रेरणा स्थल पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे एयर कैवेलकेड के माध्यम से परेड स्थल पहुंचे।

परेड के दौरान टैंक, तोप, मिसाइल, ड्रोन और रोबोट के जरिए भारतीय सेना की आधुनिक शक्ति का प्रदर्शन किया गया। भारतीय वायुसेना के जगुआर फाइटर जेट्स ने हवाई पास्ट कर आसमान में शौर्य का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। वहीं, लड़ाकू हेलीकॉप्टरों ने परेड मार्ग पर पुष्पवर्षा की।

परेड में प्रदर्शित झांकियों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ राजस्थान की समृद्ध लोक कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जिसने दर्शकों को खासा आकर्षित किया।
गैलेंट्री अवार्डी करेंगे परेड की अगुवानी, महिलाओं की दिखेगी भागीदारी
इस परेड की खास बात यह रही कि परमवीर चक्र, अशोक चक्र और महावीर चक्र विजेताओं ने परेड की अगुवाई की। भैरव बटालियन, 61 कैवलरी, राजपूत, मद्रास और गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों के जोश ने माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। बैंड, एनसीसी कैडेट्स और हथियार प्रदर्शन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली।

परेड के बाद गणमान्य अतिथियों के साथ संवाद होगा:-
परेड के बाद गणमान्य अतिथियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और दोपहर 12:30 बजे समारोह का समापन होगा। शाम 5 से 7 बजे तक एसएमएस स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या’ आयोजित होगी, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों का सम्मान, भव्य ड्रोन शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
समारोह को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बिना वैध पहचान पत्र के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आमजन को सुबह 8:45 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति होगी, इसके बाद प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। समारोह के दौरान बीच में उठकर जाने की अनुमति नहीं होगी। कैमरा, पर्स समेत कई वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है। बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियां तैनात हैं।


