खाजूवाला क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा अवैध मिट्टी खनन, सडक़ों पर गिर रही मिट्टी से राहगीर परेशान

खाजूवाला, खाजूवाला क्षेत्र में 30 जून से ईंट भट्टों में फायर बंद होने के बाद अब भट्टा संचालकों ने आगामी सीजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर भट्टों के लिए मिट्टी भरने का कार्य तेजी से चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई भट्टा संचालक खातेदारी भूमि से बिना अनुमति मिट्टी का अवैध खनन कर रहे हैं, जिससे राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ आमजन को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और डम्पर दिनभर गांवों और मुख्य सडक़ों से होकर गुजरते हैं। परिवहन के दौरान वाहनों से मिट्टी सडक़ों पर गिर जाती है, जिससे रास्ते धूल-मिट्टी से पट जाते हैं। कई स्थानों पर मिट्टी के ढेर जमा होने से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में कठिनाई होती है। बारिश होने पर यही मिट्टी कीचड़ का रूप ले लेती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण सडक़ों की हालत भी खराब हो रही है। कई जगह सडक़ें टूटने लगी हैं और धूल के कारण आसपास रहने वाले लोगों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बिना वैध अनुमति के हो रहे मिट्टी खनन की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि मिट्टी परिवहन करने वाले वाहनों को निर्धारित क्षमता के अनुसार ही लोड किया जाए तथा उन्हें तिरपाल से ढंककर चलाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि रास्तों पर मिट्टी न गिरे और आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो अवैध खनन और सडक़ सुरक्षा दोनों ही गंभीर समस्या बन सकते हैं।