Crime News: अनुकंपा नौकरी के लिए बेटी ने बड़े पापा के साथ मिलकर करवाई मां की हत्या, 100 से अधिक CCTV फुटेज से खुला राज

जयपुर। राजधानी में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। आरोप है कि अनुकंपा नियुक्ति और संपत्ति के लालच में एक युवती ने अपनी मां की हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस के अनुसार, हत्या को सड़क हादसे का रूप देने के लिए सात लाख रुपये की सुपारी दी गई और वारदात को अंजाम दिलाया गया। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतका की बेटी, जेठ समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा ने बताया कि 3 जुलाई को प्रतापनगर थाना क्षेत्र में नीरज शर्मा की सड़क दुर्घटना में मौत का मामला दर्ज हुआ था। बाद में मृतका के भाई राकेश शर्मा ने रिपोर्ट देकर आशंका जताई कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।
100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज से खुला राज:-
सांगानेर एसीपी हरिशंकर शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इनमें एक लग्जरी कार महिला का करीब एक किलोमीटर तक पीछा करती दिखाई दी। सुनसान स्थान पर पहुंचते ही कार को तेज गति से महिला की ओर मोड़कर उसे टक्कर मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद संदिग्ध कार कुछ दूरी पर लावारिस हालत में मिली। वाहन की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगी हुई थी और उस पर दुर्घटना के निशान भी मिले। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने जयपुर, भरतपुर, आगरा और मथुरा में दबिश देकर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ।
सात लाख की सुपारी देकर रची गई साजिश:-
पूछताछ में आरोपी आकाश ने बताया कि आयुषी व अन्य ने हेमंत को सुपारी दी थी। हेमंत ने उसको 7 लाख रुपए दिए थे। वारदात के लिए वह भरतपुर से किराए पर कार लेकर आया। वारदात के समय कार में अरविंद भी था। रोहित बाइक से साथ चलकर नीरज की लोकेशन बता रहा था।
अनुकंपा नियुक्ति और संपत्ति बनी हत्या की वजह:-
पुलिस के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले नीरज शर्मा के पति की मृत्यु के बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। आरोप है कि उनकी बेटी आयुषी खुद यह नौकरी पाना चाहती थी। साथ ही वह जयपुर स्थित पिता के दो मकानों पर भी अधिकार चाहती थी। दूसरी ओर मृतका का जेठ मोहन स्वरूप शर्मा और उसका बेटा बलराम हाईवे किनारे स्थित करीब पांच बीघा जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। इसी लालच में सभी ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने करीब एक माह पहले भी वारदात की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद 3 जुलाई को जब नीरज शर्मा अपने नाबालिग दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थीं, तब कार से कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई ताकि घटना सड़क हादसा प्रतीत हो।
पुलिस ने इस मामले में मृतका की बेटी आयुषी, जेठ मोहन स्वरूप शर्मा, मोहित शर्मा, अरविंद शर्मा, रोहित जाटव, आकाश शर्मा और हेमंत शर्मा सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।