ACB Action: अवैध खनन के खिलाफ ACB की बड़ी कार्रवाई, अधिकारियों, कर्मचारियों, क्रेशर मालिकों और ठेकेदारों पर कसा शिकंजा
ACB Action: अवैध खनन के खिलाफ ACB की बड़ी कार्रवाई, अधिकारियों, कर्मचारियों, क्रेशर मालिकों और ठेकेदारों पर कसा शिकंजा
ACB Action: अवैध खनन के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, क्रेशर संचालकों और रॉयल्टी ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि अवैध खनन को वैध बताकर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया। जयपुर स्थित एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भरतपुर इकाई ने प्राथमिक जांच के बाद यह कार्रवाई की।
एसीबी को मिली शिकायत में बताया गया था कि खनिज विभाग भरतपुर के अधिकारी-कर्मचारी, क्रेशर मालिक और रॉयल्टी ठेकेदार बंद पड़ी खदानों के रवन्नों का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध खनन करवा रहे थे। इस खनन को कागजों में वैध दर्शाया गया, जिससे सरकार को लाखों टन खनिज के रूप में गंभीर राजस्व हानि हुई।
प्राथमिक जांच में एसीबी ने पाया कि इस पूरे मामले में खनिज विभाग के वर्तमान और तत्कालीन कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही है। आरोपियों में तत्कालीन खनिज अभियंता भरतपुर एवं वर्तमान में कोटा पदस्थ रामनिवास मंगल, खनिज कार्यदेशक द्वितीय वीरेंद्र कुमार, तत्कालीन खनिज अभियंता राजेंद्र सिंह, तत्कालीन सर्वेयर संजू सिंह और तत्कालीन कार्यदेशक प्रथम भीम सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा प्रकरण में लीजधारक अभिषेक तंवर, जेपी एंड ब्रॉस, पारस इन्फ्रा, सीडीएस इन्फ्रा, बालाजी एंड कंपनी और शुभ लाभ स्टोन क्रेशर के संचालकों के साथ-साथ रॉयल्टी ठेकेदार मैसर्स देव दशरथ व अन्य के नाम भी दर्ज किए गए हैं।
एसीबी की जांच में सामने आया है कि सभी आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से बंद खदानों के रवन्नों का दुरुपयोग कर अवैध खनन को वैध दिखाया। अधिकारियों-कर्मचारियों पर अपने पद का दुरुपयोग कर इस पूरे अवैध कारोबार को संरक्षण देने के आरोप हैं, जिससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले में विस्तृत जांच जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।