खाजूवाला: अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, 20 करोड़ के लेनदेन का खुलासा

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खाजूवाला। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बीकानेर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए उसके एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में आरोपी के खिलाफ देशभर से 25 साइबर ठगी संबंधी शिकायतें सामने आई हैं, वहीं 20 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का भी खुलासा हुआ है।

कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ के निर्देशन और बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज, साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार सर्वटा तथा खाजूवाला थानाधिकारी सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए खाजूवाला क्षेत्र के 14 बीडी निवासी 23 वर्षीय विष्णु विश्नोई पुत्र बंशीलाल विश्नोई को गिरफ्तार किया।

बैंक खातों से क्रिप्टो और हवाला तक फैला नेटवर्क:-

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। ठगी से प्राप्त राशि पहले अपने और परिचितों के बैंक खातों में जमा करवाई जाती थी। इसके बाद रकम को ऑनलाइन माध्यम से यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर गिरोह तक पहुंचाया जाता था।

पुलिस के अनुसार आरोपी इस कार्य के बदले करीब 10 प्रतिशत कमीशन प्राप्त करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि जिन खातों पर बैंकिंग प्रतिबंध लग जाते थे, उन मामलों में रकम को हवाला नेटवर्क के जरिए आगे पहुंचाया जाता था।

देशभर से 25 शिकायतें दर्ज:-

साइबर थाना की जांच में आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों से 25 साइबर ठगी संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस का मानना है कि गिरोह संगठित तरीके से कार्य कर रहा था और इसके सदस्य अलग-अलग स्थानों से लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे।

20 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन की जानकारी:-

प्रारंभिक पूछताछ में 20 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार यह राशि आमजन के खातों से होकर क्रिप्टोकरेंसी और हवाला माध्यमों के जरिए गिरोह तक पहुंचाई जाती थी।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में:-

पुलिस अब उन खाताधारकों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनके बैंक खातों का उपयोग लेनदेन के लिए किया गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।