गिरल माइंस आंदोलन समाप्त: श्रमिकों की 24 मांगें मंजूर, विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने की धरना खत्म की घोषणा

post 568 (1)

बाड़मेर। गिरल माइंस के श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले करीब दो माह से चल रहा धरना-प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन की औपचारिक समाप्ति की घोषणा की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक भाटी ने मृतक श्रमिक जैसाराम के परिजनों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का पत्र भी सौंपा।

विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपने संबोधन की शुरुआत शुरुआत में धरने पर बैठे श्रमिक जैसाराम के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की 24 सूत्रीय मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि दो माह तक संघर्ष करने वाले श्रमिकों, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों की सामूहिक जीत है।

भाटी ने कहा कि गिरल और आसपास के गांवों के लोगों ने एकजुट होकर आंदोलन को मजबूती दी। उन्होंने बताया कि आंदोलन के समाधान के लिए प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता हुई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से सभी स्वीकृत मांगों को जल्द लागू करने की मांग की।

विधायक ने माइंस प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में श्रमिकों के हितों की अनदेखी या उनके अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि गिरल माइंस से 100 से अधिक श्रमिकों को हटाए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने आंदोलन शुरू किया था। समय के साथ यह धरना बड़े जन आंदोलन में बदल गया। विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी लंबे समय तक धरना स्थल पर मौजूद रहे। श्रमिकों की आवाज को बुलंद करने के लिए उन्होंने बाड़मेर कूच के दौरान अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर विरोध भी दर्ज कराया था, जिससे यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया।

धरने के दौरान श्रमिक जैसाराम की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और श्रमिक संगठनों के बीच वार्ताओं का दौर चला। मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

शनिवार को विधायक भाटी ने गिरल धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन समाप्ति की घोषणा की। इसके बाद उन्होंने मृतक श्रमिक जैसाराम के घर जाकर परिजनों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि का पत्र सौंपा।