10 लाख का लोन मांगा, 5 लाख दिया, कैंसिल कराने के बहाने खाते से 5.20 लाख निकाले

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10 लाख का लोन मांगा, 5 लाख दिया, कैंसिल कराने के बहाने खाते से 5.20 लाख निकाले
बांसवाड़ा। 10 लाख रुपए का लोन दिलाने का वादा कर पहले केवल 5.19 लाख रुपए का लोन मंजूर किया, फिर उसे कैंसिल कराने का झांसा देकर ग्राहक के खाते से 5.20 लाख रुपए निकाल लिए गए। इतना ही नहीं, लोन आज तक बंद नहीं हुआ और पीड़ित हर महीने 27 हजार रुपए से अधिक की किश्त भरने को मजबूर है मामले में कोतवाली पुलिस ने फाइनेंस कंपनी की महिला कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपी महिला फिलहाल फरार बताई जा रही है। िशक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तोरणिया के नाथूलाल मीणा ने कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दी है। उसमें बताया कि शहर के हेमू कालानी तिराहे पर स्थित सांवरिया फाइनेंस लिमिटेड की कर्मचारी चंदा प्रजापत ने उन्हें मकान और दुकान निर्माण के लिए 10 लाख रुपए का लोन दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए तीन कोरे चेक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज लिए गए।

कुछ दिन बाद उनके खाते में 5,19,757 रुपए जमा हुए। निर्धारित राशि से कम लोन मिलने पर उन्होंने इसे निरस्त करने की बात कही। आरोप है कि महिला ने लोन कैंसिल कराने और दस्तावेज लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन उनके हस्ताक्षरयुक्त कोरे चेकों का दुरुपयोग कर एक चेक से 50 हजार और दूसरे से 4.70 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित के अनुसार कुल 5.20 लाख रुपए निकालने के बावजूद लोन बंद नहीं हुआ और उनके खाते से हर माह 27,001 रुपए की किस्त कट रही है। कई बार फाइनेंस कंपनी के कार्यालय पहुंचने पर ताला लगा मिला।