14 या 15 जनवरी? जानिए किस दिन मकर संक्रांति मनाना होगा शुभ, दान-पुण्य का विशेष महत्व
हर वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष बार मकर संक्रांति के पावन पर्व पर सूर्यदेव दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे और उत्तरायण का शुभ काल प्रारंभ होगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. मन्नू शर्मा के अनुसार, यह समय पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. मन्नू शर्मा ने बताया कि 14 जनवरी को सुबह 8 बजकर 43 मिनट से पूरे दिन दान-पुण्य, जप-तप और पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन किया गया दान और पूजा कई गुणा फल प्रदान करती है और अक्षय लाभ देती है।
मकर संक्रांति पर गंगा, यमुना, सरस्वती सहित किसी भी पवित्र जल में स्नान करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं। मंदिर, तालाब, कुआं या बावड़ी में स्नान करने का भी पुण्य फल मिलता है। साथ ही ब्राह्मण, साधु, गरीब और दुखी लोगों को दान देने से सूर्य की विशेष कृपा बनी रहती है।
पुरानी कथाओं के अनुसार, इसी दिन सूर्य अपने पुत्र शनि देव के मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जो पिता-पुत्र के संबंधों में मधुरता लाने का प्रतीक है। इस अवसर पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


