बीकानेर: मरीजों की 3 दिनों से रोटी-सब्जी बंद, खिचड़ी-दलिया से भर रहे पेट, गैस की किल्लत का अस्पताल की रसोई पर असर
बीकानेर। घरेलू रसोई गैस की कमी से आम लोगों के साथ अब अस्पतालों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। गैस संकट का असर पीबीएम अस्पताल के मरीजों के भोजन पर भी पड़ा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुबह-शाम दिया जाने वाला रोटी-सब्जी का भोजन पिछले तीन दिनों से बंद है। इसकी जगह मरीजों को दलिया और खिचड़ी दी जा रही है।
अस्पताल की बड़ी रसोई में ही मरीजों के लिए भोजन और दूध की व्यवस्था की जाती है, लेकिन गैस सिलेंडरों की कमी के कारण रोटी-सब्जी बनाना फिलहाल रोकना पड़ा है। ऐसे में मरीजों को सीमित संसाधनों के बीच दलिया-खिचड़ी देकर काम चलाया जा रहा है, जबकि कई मरीज नियमित रूप से रोटी-सब्जी ही खाते हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार रोटी-सब्जी बनाने में बड़ी मात्रा में गैस की खपत होती है, जबकि दलिया और खिचड़ी कम गैस में तैयार हो जाती है। इसी वजह से फिलहाल वही भोजन बनाया जा रहा है।
अस्पताल में रोजाना करीब 900 मरीजों के लिए खाना तैयार किया जाता है। सामान्य स्थिति में सुबह और शाम दोनों समय करीब एक क्विंटल आटे की रोटियां बनाई जाती हैं। प्रत्येक मरीज को चार रोटियां दी जाती हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रोटी भी देने से मना नहीं किया जाता। इसके साथ सब्जी, दलिया-खिचड़ी और आधा लीटर दूध भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि कोई मरीज भूखा न रहे।
पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बीसी घीया के अनुसार गैस की कमी के कारण पिछले तीन दिनों से रोटी-सब्जी नहीं बन पाई थी। हालांकि शुक्रवार को घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति हो गई है, जिसके बाद जल्द ही भोजन व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।