राजस्थान में संविदा कर्मी नियमित होंगे या नहीं? भजनलाल सरकार ने कर दी ये ‘बड़ी घोषणा’
राजस्थान में संविदा कर्मी नियमित होंगे या नहीं? भजनलाल सरकार ने कर दी ये ‘बड़ी घोषणा’
Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को संविदाकर्मियों के भविष्य को लेकर अहम चर्चा हुई। स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबरमल खर्रा ने विधायक डॉ. शिखा मील बराला के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार संविदाकर्मियों के हितों को लेकर गंभीर है और आगामी भर्तियों में उन्हें प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस नीति तैयार की जा रही है।
सरकारी भर्तियों में ‘एडजस्ट’ होंगे संविदाकर्मी:-
मंत्री ने सदन में भरोसा दिलाया कि जब भी राज्य सरकार नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी, तब पहले से कार्यरत संविदाकर्मियों के अनुभव को महत्व दिया जाएगा।
- समायोजन की तैयारी: नियमित पदों पर समायोजन के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन, आयु सीमा में छूट या बोनस अंकों जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
- स्थायित्व की उम्मीद: नगर निगम, नगर परिषद और अन्य निकायों में प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को इससे स्थायी नौकरी की उम्मीद जगी है।
पीएफ और ईएसआई भुगतान पर सख्ती:-
संविदाकर्मियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सरकार ने भुगतान व्यवस्था में कड़ा प्रावधान लागू किया है।
- अनिवार्य चालान: प्लेसमेंट एजेंसियों को हर माह कर्मचारियों का पीएफ और ईएसआई अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
- भुगतान की नई शर्त: अगला भुगतान तभी जारी होगा जब एजेंसी पिछले महीने का पीएफ/ईएसआई चालान प्रस्तुत करेगी।
- उल्लंघन पर रोक: चालान नहीं देने वाली एजेंसियों का भुगतान तुरंत रोका जाएगा।
सफाई कर्मचारी भर्ती: अक्टूबर 2026 की डेडलाइन
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 का भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। इसके तहत अक्टूबर 2026 में प्रदेशभर में बड़े स्तर पर सफाई कर्मचारी भर्ती अभियान शुरू होगा। इससे युवाओं को तैयारी के लिए स्पष्ट समय-सीमा मिल सकेगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
सरकार ने दोहराया कि भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है।
- कड़ी कार्रवाई: नगर परिषद चौमूं में शिकायतों के बाद दो स्थायी कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
- संविदाकर्मी बर्खास्त: एक संविदाकर्मी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
निकायों में रिक्त पदों की चुनौती:-
मंत्री ने स्वीकार किया कि कई निकायों में वर्षों से नियमित पद खाली हैं और काम प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए चल रहा है। सरकार अब इन रिक्तियों को नियमित भर्तियों से भरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। संविदाकर्मियों को प्राथमिकता देने की घोषणा को इस दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।