बीकानेर: 5 साल गैर हाजिर वाले बर्खास्त, एक विभाग, एक तरह के आरोप, एक की सेवा समाप्त

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बीकानेर: 5 साल गैर हाजिर वाले बर्खास्त, एक विभाग, एक तरह के आरोप, एक की सेवा समाप्त

बीकानेर। सरकारी महकमा अगर चाहे तो किसी मामले को लंबा कर सकता है और चाहे तो कैसे निबटा भी सकता है। ये निदेशालय की एक ही आरोप में की गई कार्रवाइयों के दो मामलों से साफ हो जाता है। एक मामले में महिला शिक्षक को 2014 से 2025 तक गायब रहने के बाद शहर में पोस्टिंग दे दी। इस बीच कितने नोटिस दिए गए। इसका कोई हवाला नहीं। अगर 2025 में नोटिस दिया गया तो 2014 से 10 साल तक विभाग चुप क्यों रहा। फिर उन अफसरों पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई जो 10 साल मौन रहे। इसे भी बड़ी बात ये कि शिक्षा निदेशक ने सितंबर 2025 में लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले प्रकरणों में ज्यादातर को बर्खास्त ही किया। इससे पहले दो अध्यापिकाओं को बिना सूचना लंबे समय से अनुपस्थित रहने पर राजकीय सेवा से बर्खास्त किए जाने के आदेशि किए थे। इसमें महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सुरनाणा और शिव प्रताप बजाज प्राथमिक विद्यालय उदयरामसर में कार्यरत महिला शिक्षक शामिल हैं। इन दोनों अध्यापिकाओं ने कोई अवकाश स्वीकृत नहीं कराया था। शिक्षा विभाग की ओर से कई बार इन्हें नोटिस जारी किए गए। लेकिन दोनों शिक्षिकाओं की ओर से कोई जवाब नहीं देने पर अब शिक्षा विभाग ने राजस्थान सेवा निगम 86(4) की प्रक्रिया अपनाई गई। इसी दौरान चार कनिष्ठ सहायकों की सेवाएं भी समाप्त पिछले साल ही की गई। बीकानेर जिले के सरकारी स्कूलों में कार्यरत तीन महिला और एक पुरुष कनिष्ठ सहायक को बर्खास्त किया था। यह चारों बिना सूचना के पिछले तीन साल से अनुपस्थित थे।

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