Sadhvi Prem Baisa: बच सकती थी साध्वी प्रेम बाईसा की जान! हो गई ऐसी बड़ी चूक, कंपाउंडर को भी लगा बड़ा झटका

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Sadhvi Prem Baisa: बच सकती थी साध्वी प्रेम बाईसा की जान! हो गई ऐसी बड़ी चूक, कंपाउंडर को भी लगा बड़ा झटका

जोधपुर। कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु को लेकर उठ रहे सवालों पर जोधपुर पुलिस ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए बड़ा खुलासा किया है। मेडिकल बोर्ड की विस्तृत रिपोर्ट में मौत का कारण फेफड़ों की गंभीर बीमारी से उत्पन्न कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट बताया गया है।

बिना चिकित्सकीय सलाह लगाए गए इंजेक्शन:-

पुलिस के अनुसार 28 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर आश्रम में कम्पाउण्डर देवीसिंह को बुलाया गया। उसने पहुंचकर डेक्सोना और डायनापार के इंजेक्शन लगाए। बताया गया है कि उसने ये इंजेक्शन किसी डॉक्टर की सीधी सलाह के बिना लगाए, जो दवा संबंधी नियमों के विपरीत माना गया। इस मामले में उसके खिलाफ बीएनएस और राजस्थान मेडिकल एक्ट के तहत कार्रवाई प्रस्तावित है।

अस्पताल ले जाने में हुई देरी:-

गत 28 जनवरी की सुबह से ही साध्वी को सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी थी। दोपहर करीब 12 बजे कम्पाउण्डर को फोन किया गया, लेकिन वह शाम चार बजे आश्रम पहुंच सका। इंजेक्शन लगाने के बाद हालत और बिगड़ गई। अस्पताल ले जाया गया, मगर वहां पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस का मानना है कि समय पर अस्पताल पहुंचाने पर परिणाम अलग हो सकता था।

व्यापक जांच, कई स्तरों पर पड़ताल:-

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 44 लोगों के बयान दर्ज किए, जिनमें परिजन और आश्रम से जुड़े लोग शामिल हैं। 106 मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली गई और सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। ड्रग कंट्रोल विभाग, सीएमएचओ कार्यालय, मथुरादास माथुर अस्पताल, नर्सिंग काउंसिल, आयकर विभाग और बीमा कंपनियों से भी जानकारी जुटाई गई।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।