बीकानेर: मिलेगी राहत अब 60 नहीं मात्र इतने दिन की होगी नहरबंदी, सुधरेगी आवक

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बीकानेर: मिलेगी राहत अब 60 नहीं मात्र इतने दिन की होगी नहरबंदी, सुधरेगी आवक

बीकानेर। पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली नहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण को लेकर सुखद खबर है। इस साल नहरबंदी की अवधि में कटौती की गई है, जिससे अब यह 60 दिन के बजाय मात्र 45 दिन की होगी। पंजाब सरकार के जल संसाधन विभाग ने राजस्थान फीडर की रिलाइनिंग के कार्य को गति देने के लिए पुराने शिड्यूल में संशोधन करते हुए नया कार्यक्रम जारी किया है। नए शिड्यूल के अनुसार, नहरबंदी अब 20 मार्च के स्थान पर 27 मार्च से शुरू होकर 10 मई तक चलेगी। पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘पंजाब कैनाल एंड ड्रेनेज एक्ट 2023’ के तहत यह निर्णय इसलिए लिया गया, ताकि नहर के सुदृढ़ीकरण और रिलाइनिंग का बाकी बचा कार्य बिना किसी बाधा के समय पर पूरा किया जा सके। इस कायाकल्प से भविष्य में पानी की छीजत रुकेगी और अंतिम छोर तक शुद्ध पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

प्रशासन और आमजन के लिए राहत की बात यह है कि नहरबंदी के पुराने कार्यक्रम में बदलाव कर इसे एक सप्ताह आगे खिसकाया गया है। अब 27 मार्च से शुरू होने वाली इस 45 दिनों की अवधि में से शुरुआती 15 दिन आंशिक बंदी रहेगी, जिससे जलाशयों को पूरी क्षमता तक भरने का अतिरिक्त समय मिल सकेगा। हालांकि 30 दिन पूर्ण नहरबंदी रहेगी, लेकिन बेहतर मैनेजमेंट और शुरुआती 15 दिन की इस राहत से गर्मी के मौसम में भी पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने में बड़ी मदद मिलेगी।

नहरबंदी के इस 45 दिवसीय ‘कायाकल्प अभियान’ का असली लाभ 10 मई के बाद नजर आएगा। यह 45 दिन राजस्थान फीडर के कायाकल्प का अभियान साबित होंगे। रिलाइनिंग कार्य पूरा होने के बाद नहर न केवल मजबूत होगी, बल्कि पानी के रिसाव की पुरानी समस्या भी जड़ से खत्म हो जाएगी। 10 मई के बाद जब नहर दोबारा अपने पूरे वेग के साथ शुरू होगी, तो यह नए स्वरूप में मरुधरा की प्यास बुझाने के लिए और अधिक सक्षम होकर लौटेगी। छीजत कन होने से नहर के आखिरी छोर तक पानी का फ्लो बढ़ेगा। खेतों की हरियाली और उत्पादन में सुधार आएगा।