रविंद्र सिंह भाटी का बयान: ‘वोट से ऊपर सामाजिक सौहार्द’, रावणा विवाद पर पहली प्रतिक्रिया

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मारवाड़ की राजनीति के केंद्र बिंदु और शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सिंगर छोटू सिंह रावणा के साथ चल रहे विवाद पर पहली बार आधिकारिक बयान जारी किया है। FIR और सोशल मीडिया पर बढ़ते विवाद के बीच भाटी ने अपने समर्थकों और आम जनता से संयम बरतने की अपील की।

‘भाईचारा हमारी सबसे बड़ी पूंजी’

भाटी ने सोशल मीडिया पोस्ट में समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की असली ताकत ‘अपणायत’ और ‘भाईचारा’ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति और वोट से कहीं ज्यादा अहम सामाजिक सौहार्द है, जिसे बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

सोशल मीडिया पर संयम की अपील:-

विवाद के बाद बढ़ रही बयानबाजी को देखते हुए भाटी ने समर्थकों से कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने के लिए करें। उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि किसी भी जाति, धर्म या व्यक्ति विशेष के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग न करें।

‘सुनियोजित साजिश’ का संकेत:-

अपने बयान में भाटी ने इस पूरे विवाद के पीछे साजिश की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ समय से क्षेत्र में जानबूझकर नकारात्मकता फैलाने और आपसी वैमनस्य बढ़ाने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने लोगों से संयम और समझदारी दिखाने की अपील की।

क्या है पूरा मामला?

बीते दिनों छोटू सिंह रावणा और रविंद्र सिंह भाटी के बीच विवाद सोशल मीडिया पर काफी बढ़ गया था। मामला उस वक्त और तूल पकड़ गया जब FIR दर्ज होने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिससे सामाजिक माहौल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

समरसता बनाए रखने की चुनौती:-

पश्चिमी राजस्थान में भाईचारे और सामाजिक समरसता की परंपरा रही है। भाटी ने अपने बयान के जरिए इसी परंपरा को बनाए रखने का संदेश दिया है। उनका यह बयान विवाद को शांत करने और संतुलित नेतृत्व की छवि पेश करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।