राजस्थान: मकर संक्रांति की खुशियां मातम में बदलीं, जानलेवा मांझे से 10 वर्षीय बच्चे की मौत

राजस्थान: मकर संक्रांति की खुशियां मातम में बदलीं, जानलेवा मांझे से 10 वर्षीय बच्चे की मौत

Rajasthan News: गुलाबी नगरी में मकर संक्रांति का उल्लास उस समय गहरे शोक में बदल गया, जब पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल हुए खतरनाक मांझे ने एक मासूम की जान ले ली। जयपुर के एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में बुधवार देर शाम तक घायलों का आना जारी रहा। पतंग उड़ाने के दौरान हुए हादसों में अब तक 42 लोग अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें 10 वर्षीय बच्चे की मौत की खबर ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।

गला कटने से मासूम की दर्दनाक मौत:-

ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सक डॉ. दिनेश गोरा ने बताया कि गंभीर अवस्था में लाए गए 10 वर्षीय बच्चे का गला पतंग के मांझे से बुरी तरह कट गया था। डॉक्टरों ने उसे बचाने के हरसंभव प्रयास किए, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

ट्रॉमा सेंटर में 18 घायल भर्ती:-

नोडल अधिकारी डॉ. बी.एल. यादव के अनुसार, त्योहार को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर में पहले से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात थीं। बुधवार शाम 7 बजे तक कुल 42 घायल अस्पताल लाए गए, जिनमें से 18 की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती किया गया। वहीं, 24 लोगों को मामूली चोटें आने पर प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। फिलहाल डॉक्टरों की टीम भर्ती मरीजों के इलाज में जुटी हुई है।

जल महल के पास हुआ पतंग महोत्सव:-

हर साल की तरह इस बार भी मकर संक्रांति पर जयपुर में पतंग महोत्सव का आयोजन जल महल के किनारे किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों ने हिस्सा लिया। वहीं, सुबह से ही पिंक सिटी की छतों पर पतंग उड़ाने का उत्साह देखने को मिला।

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