Rajasthan SI Recruitment Exam 2025: 5-6 अप्रैल को परीक्षा, गड़बड़ी की सूचना पर ₹1 लाख इनाम; सख्त ड्रेस कोड लागू

Rajasthan SI Recruitment Exam 2025: राजस्थान में उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2025 का आयोजन 5 और 6 अप्रैल को किया जाएगा। Rajasthan Public Service Commission (RPSC) द्वारा आयोजित इस परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
Special Operations Group (SOG) ने परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए विशेष निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, परीक्षा से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सटीक सूचना देने वाले को ₹1 लाख का इनाम दिया जाएगा। इसके लिए व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 9530429258 जारी किया गया है।
41 शहरों में परीक्षा, लाखों अभ्यर्थी शामिल:-
यह परीक्षा प्रदेश के 26 जिला मुख्यालयों और 15 उपखंड मुख्यालयों सहित कुल 41 शहरों में आयोजित होगी। 1174 परीक्षा केंद्रों पर करीब 7.7 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
ड्रेस कोड सख्ती से लागू:-
परीक्षा में ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा।
- पुरुष अभ्यर्थी: आधी आस्तीन की शर्ट/टी-शर्ट या कुर्ता, पेंट या पायजामा, चप्पल/स्लीपर
- महिला अभ्यर्थी: सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता/ब्लाउज, साधारण रबर बैंड
- जूते और पूरी आस्तीन के कपड़े प्रतिबंधित रहेंगे ताकि जांच प्रक्रिया आसान हो सके।
इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध:-
परीक्षा केंद्र पर घड़ी, आभूषण, बेल्ट, चश्मा, हैंडबैग, हेयर पिन, ताबीज, टोपी और स्कार्फ जैसी चीजें ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि सिख अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण और पगड़ी जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ प्रवेश मिलेगा, लेकिन जांच के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
100 मीटर दायरे में सख्ती:-
परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 मीटर के दायरे में स्थित साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र परीक्षा के दौरान बंद रहेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या तकनीकी गड़बड़ी रोकी जा सके।
नकल या पेपर लीक पर कड़ी सजा:-
RPSC सचिव रामनिवास मेहता ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक या डमी कैंडिडेट बैठाने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। यह अपराध Rajasthan Public Examination Act 2022 के तहत आएंगे।
इस कानून के तहत दोषियों को:–
- न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक सजा
- ₹10 लाख से ₹10 करोड़ तक जुर्माना
- साथ ही दोषियों से परीक्षा का पूरा खर्च वसूला जाएगा और अवैध संपत्ति जब्त की जा सकती है।