Rajasthan Politics: राजस्थान की 3 राज्यसभा सीटें हो रहीं खाली, BJP-कांग्रेस खेमे से आई ये बड़ी और लेटेस्ट अपडेट
Rajasthan Politics:राजस्थान की राजनीति में अगला बड़ा पड़ाव राज्यसभा चुनाव को माना जा रहा है। 21 जून 2026 को प्रदेश से राज्यसभा के तीन सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। मौजूदा विधानसभा गणित के आधार पर भाजपा दो सीटों पर मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि उम्मीदवारों के चयन को लेकर दोनों दलों में अंदरखाने मंथन और सियासी जोड़-तोड़ शुरू हो गया है।
इन सांसदों का खत्म होगा कार्यकाल:-
जून में जिन तीन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के प्रभावशाली नेता शामिल हैं।
- रवनीत सिंह बिट्टू (भाजपा) – उपचुनाव के जरिए राजस्थान से राज्यसभा पहुंचे केंद्रीय मंत्री बिट्टू के दोबारा नामांकन की चर्चा है।
- राजेंद्र गहलोत (भाजपा) – मारवाड़ क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता।
- नीरज डांगी (कांग्रेस) – कांग्रेस के दलित चेहरे के रूप में राज्यसभा में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
विधानसभा का गणित:-
राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों के वर्तमान समीकरण के अनुसार एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए करीब 51 प्रथम वरीयता वोट जरूरी होते हैं।
- भाजपा: पार्टी के पास करीब 118 विधायक हैं, जिससे दो सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में है।
- कांग्रेस: कांग्रेस के पास करीब 67 विधायक हैं, जिससे एक सीट निकालना संभव है, लेकिन दूसरी सीट के लिए समर्थन जुटाना मुश्किल होगा।
भाजपा में संभावित नामों की चर्चा:-
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को दोबारा मौका दे सकती है। वहीं दूसरी सीट के लिए कई बड़े नामों पर विचार हो रहा है, जिनमें—
- राजेंद्र राठौड़ – पूर्व नेता प्रतिपक्ष
- सतीश पूनिया – पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
- अशोक परनामी – भाजपा के वरिष्ठ नेता
पार्टी इन नामों के जरिए आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है।
कांग्रेस में अल्पसंख्यक चेहरे की मांग:-
कांग्रेस में उम्मीदवार को लेकर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। हालांकि पार्टी के भीतर एक धड़ा अल्पसंख्यक समुदाय से उम्मीदवार उतारने की मांग कर रहा है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि राजस्थान के कुल 35 सांसदों (25 लोकसभा और 10 राज्यसभा) में फिलहाल कोई भी अल्पसंख्यक प्रतिनिधि नहीं है।
सियासी मुकाबले की तैयारी:-
राज्यसभा की इन तीन सीटों को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनाने में जुट गई हैं। भाजपा जहां उच्च सदन में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस अपनी इकलौती सीट सुरक्षित रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।