Rajasthan: PM मोदी के राजस्थान दौरे से पहले ‘सियासी वार’, पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने उठाया रिफाइनरी और पंचायत चुनाव का मुद्दा
Rajasthan: PM मोदी के राजस्थान दौरे से पहले ‘सियासी वार’, पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने उठाया रिफाइनरी और पंचायत चुनाव का मुद्दा
जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को राजस्थान दौरे पर आ रहे हैं। उनके प्रस्तावित अजमेर कार्यक्रम से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रिफाइनरी परियोजना को लेकर राज्य सरकार और केंद्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के हालिया जोधपुर दौरे के बावजूद रिफाइनरी उद्घाटन की स्पष्ट तिथि घोषित नहीं की गई है। बार-बार तारीखों की घोषणा होती है, लेकिन परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पाई।
जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य में जनहित की कई योजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई है और सरकार विकास के बजाय राजनीतिक मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर अदालतें समय पर चुनाव कराने की बात कह चुकी हैं, इसके बावजूद चुनाव प्रक्रिया में देरी की जा रही है।
बजट में मारवाड़ की अनदेखी का आरोप:-
राज्य बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि मारवाड़ और जोधपुर क्षेत्र को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने अपनी पूर्व सरकार के कार्यकाल में राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल परियोजना के तीसरे चरण पर करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च करने का उल्लेख किया और कहा कि इससे जोधपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति मजबूत होनी थी। उनका दावा है कि वर्तमान में परियोजना की प्रगति धीमी हो गई है।
तैयार इमारतें, स्टाफ की कमी:-
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जोधपुर में लाइब्रेरी, अस्पताल और विश्वविद्यालयों की नई इमारतें तैयार हैं, लेकिन पर्याप्त स्टाफ और संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने मगरा पूंजला अस्पताल का उदाहरण देते हुए कहा कि भवन तैयार होने के बावजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई, जिससे आमजन को पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
सामाजिक योजनाओं पर भी सवाल:-
गहलोत ने आरोप लगाया कि बुजुर्ग पेंशन, छात्राओं की स्कूटी योजना और छात्रवृत्ति जैसी कई सामाजिक योजनाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ठेकेदारों के भुगतान लंबित होने से विकास कार्यों पर असर पड़ा है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनावी ध्रुवीकरण का आरोप लगाया। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान खातों में राशि भेजी जाती रही, तब चुनाव आयोग ने आपत्ति नहीं जताई थी।