Rajasthan : रिटायरमेंट वाले बयान पर गहलोत का पलटवार, बोले- ये नियम मोदी और भागवत पर लागू हो

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Rajasthan : पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 75 साल की उम्र के बाद राजनीति से रिटायरमेंट के मुद्दे पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को तीखा जवाब दिया है। गहलोत ने कहा कि यह फॉर्मूला उन पर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर लागू होना चाहिए।

मीडिया से बातचीत में गहलोत ने दोहराया कि वे लंबे समय तक जनता की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि 100 वर्ष की उम्र तक देश और प्रदेश की सेवा करने का उनका संकल्प है। मदन राठौड़ ने किस संदर्भ में यह बयान दिया, यह वही जानें, लेकिन वे आखिरी सांस तक राजस्थान की सेवा करते रहेंगे।

“100 साल तक सेवा करना चाहता हूं”

मई में 75 वर्ष के होने जा रहे गहलोत ने इस बयान को निराधार बताया और कहा कि उम्र किसी भी नेता की राजनीतिक प्रासंगिकता तय नहीं करती। उन्होंने कहा, मैंने पहले ही कहा है कि यह बात मोदी जी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) या आरएसएस के मोहन भगवत जी पर लागू होगी। गहलोत ने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी 125 साल तक सेवा करने की इच्छा जताई थी।

भाजपा पर मुद्दों से भागने का आरोप:-

गहलोत ने मदन राठौड़ के बयान के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर विपक्ष के मुद्दों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता यह तय नहीं कर सकते कि कांग्रेस को क्या करना चाहिए। वे हमारे उठाए गए सवालों का सीधा जवाब देने से बच रहे हैं।

‘इंतजार शास्त्र’ का जिक्र कर साधा निशाना:-

गहलोत ने ‘इंतजार शास्त्र’ का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ताधारी दल बहस को भटकाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे सवालों का कम से कम ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब दिया जाना चाहिए, लेकिन विषय बदलकर जवाब दिया जा रहा है।

राजस्थान में सियासी तकरार तेज:-

मदन राठौड़ के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है, जिससे आने वाले समय में सियासी माहौल और भी गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।