Rajasthan Electricity: ऊर्जा विभाग का बड़ा फैसला, अब बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी ‘वर्चुअल कनेक्शन’ सुविधा

Rajasthan Electricity: ऊर्जा विभाग का बड़ा फैसला, अब बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी ‘वर्चुअल कनेक्शन’ सुविधा

Rajasthan Electricity: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और राज्य सरकार की 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को रफ्तार देने के लिए ऊर्जा विभाग ने अहम बदलाव किए हैं। अब प्रदेश में सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को ‘वर्चुअल कनेक्शन’ की सुविधा दी जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी उपभोक्ता ने एक शहर में अपने मकान पर सोलर पैनल लगवाया है, तो उससे होने वाली बिजली बचत का फायदा वह प्रदेश के किसी दूसरे जिले या शहर में स्थित अपने अन्य मकान या फ्लैट के बिजली बिल में ले सकेगा।

ऐसे समझें पूरा गणित:-

मान लीजिए किसी अधिकारी का जयपुर में मकान है और वहां सोलर रूफटॉप सिस्टम लगा हुआ है। यदि उनका तबादला डूंगरपुर हो जाता है और वे वहां नया मकान लेते हैं, तो जयपुर स्थित सोलर सिस्टम से उत्पन्न होने वाली यूनिट्स को डूंगरपुर वाले मकान के बिजली बिल में एडजस्ट कर दिया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ता को नजदीकी डिस्कॉम कार्यालय में आवेदन करना होगा।

फ्लैट में रहने वालों को बड़ी राहत:-

शहरों में फ्लैट कल्चर बढ़ने के साथ छत की जगह को लेकर विवाद आम हो गए थे। इसे देखते हुए ऊर्जा विभाग ने नियमों में बदलाव करते हुए ग्रुप सोलर सिस्टम की अनुमति दे दी है। अब अपार्टमेंट या बहुमंजिला इमारत की छत पर एक साथ सोलर सिस्टम लगाया जा सकेगा। स्वीकृत लोड के आधार पर हर फ्लैट मालिक को अलग-अलग सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इससे फ्लैटवासियों के बीच सब्सिडी के बंटवारे को लेकर होने वाली उलझन खत्म हो जाएगी।

यूनिवर्सल नंबर से दूर होगी डिस्कॉम की परेशानी:-

अब तक अलग-अलग डिस्कॉम—अजमेर, जयपुर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम—के बीच समन्वय की कमी के कारण उपभोक्ता एक स्थान पर मिली सब्सिडी का लाभ दूसरी जगह नहीं ले पाते थे। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार हर उपभोक्ता को एक यूनिवर्सल आईडी (के-नंबर) आवंटित करेगी। इसके जरिए पूरे राजस्थान में उपभोक्ता अपने किसी भी दूसरे बिजली कनेक्शन पर सोलर से मिलने वाला यूनिट क्रेडिट ट्रांसफर कर सकेगा।

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