राजस्थान: शिक्षा नीति में बदलाव, सत्र 2026-27 से पांचवीं के छात्रों को भी किया जा सकेगा फेल

राजस्थान, सत्र 2026-27 से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब पांचवीं कक्षा के छात्रों पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी और उन्हें फेल किया जा सकेगा। अब तक लागू नो-डिटेंशन पॉलिसी को समाप्त कर दिया गया है, जिससे हर छात्र को अगली कक्षा में स्वतः प्रमोट नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के अनुसार, यदि कोई छात्र निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो उसे उसी कक्षा में रोका जा सकता है। साथ ही, पूरक परीक्षा में पास होना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई में गंभीरता लाना और शैक्षणिक स्तर को मजबूत करना है। अब मूल्यांकन प्रक्रिया भी अधिक सख्त होगी, ताकि बच्चों की वास्तविक सीखने की क्षमता का आकलन हो सके। आठवीं कक्षा के बाद लागू यह नियम अब पांचवीं स्तर पर भी प्रभावी किया गया है, जिससे प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जा रहा है।