Rajasthan Bus Fire: चलती बस में लगी भीषण आग, संचालन के तीसरे दिन ही बड़ा हादसा, एक यात्री गंभीर रूप से झुलसा
Rajasthan Bus Fire: चलती बस में लगी भीषण आग, संचालन के तीसरे दिन ही बड़ा हादसा, एक यात्री गंभीर रूप से झुलसा
जैसलमेर: सीमावर्ती जिले जैसलमेर से चलने वाली निजी बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब यात्रियों के लिए खतरा बनती जा रही है। शुक्रवार सुबह राजस्थान-गुजरात सीमा के पास एक निजी बस में लगी भीषण आग ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार नाचना से अहमदाबाद के लिए हाल ही में शुरू हुई एक निजी बस शुक्रवार सुबह हादसे का शिकार होते-होते बच गई। बस अपने संचालन के महज तीसरे दिन ही थी, जब नेनावा गांव के पास बस की एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही पलों में बस के अंदर धुआं भर गया और आग की लपटें उठने लगीं। इससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक और परिचालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों को तुरंत बस से नीचे उतार दिया गया।
इस दौरान अफरा-तफरी में एक यात्री गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे तुरंत धानेरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में बस का बड़ा हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।
पुराना दर्दनाक हादसा फिर आया याद:-
शुक्रवार की इस घटना ने जैसलमेर के थैयात गांव के पास हुए उस दर्दनाक बस हादसे की यादें ताजा कर दीं, जिसमें 19 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि इलाज के दौरान मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 तक पहुंच गई थी।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की संयुक्त जांच में सामने आया था कि उस हादसे का मुख्य कारण भी बस के एसी सिस्टम में हुआ शॉर्ट सर्किट ही था।
सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे सवाल:-
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रशासन ने पुराने हादसों से कोई सबक लिया है। नेनावा के पास हुई ताजा घटना यह संकेत देती है कि कई निजी बसों में अब भी ‘जुगाड़’ से लगाए गए एसी सिस्टम के साथ वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि बस बॉडी निर्माण के दौरान मानक वायरिंग का उपयोग नहीं करना, एसी सिस्टम का गलत इंस्टॉलेशन और आपातकालीन निकास का ठीक से काम न करना ऐसे हादसों को और घातक बना देता है।
नाचना-अहमदाबाद बस सेवा का तीसरे ही दिन हादसे का शिकार होना और उसी दिन थैयात हादसे की जांच रिपोर्ट सामने आना, परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते निजी बसों की सख्त जांच और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसे हादसों को रोकना मुश्किल होगा।