Rajasthan Budget: ‘आज की समस्याएं अनदेखी, 2047 का विजन पेश’, बजट को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा तंज

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Rajasthan Budget: ‘आज की समस्याएं अनदेखी, 2047 का विजन पेश’, बजट को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा तंज

जयपुर: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बुधवार को विधानसभा में पेश राज्य बजट को अव्यावहारिक और दिशा विहीन करार देते हुए कहा कि यह प्रदेश की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में असफल है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में नई सोच का अभाव है और इसमें पिछली घोषणाओं को ही दोहराया गया है। जूली ने कहा कि सरकार अपनी कमियों को स्वीकार करने के बजाय दूसरों पर जिम्मेदारी डाल रही है।

उन्होंने दावा किया कि पिछले दो बजटों में की गई 2718 घोषणाओं में से महज 900 (करीब 30 प्रतिशत) ही पूरी हो पाई हैं, जबकि 284 योजनाओं पर काम शुरू तक नहीं हुआ। उनके अनुसार सरकार वर्तमान चुनौतियों से ध्यान हटाकर दूरगामी वादों के सहारे जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रही है।

जल जीवन मिशन पर सवाल:-

जूली ने कहा कि वित्त मंत्री ने दो वर्षों में 45 लाख नल कनेक्शन देने की घोषणा की थी, लेकिन सदन में बताया गया कि अब तक केवल 14 लाख कनेक्शन ही दिए गए हैं। उन्होंने नमो वन और नमो नर्सरी जैसी योजनाओं को प्राथमिकता से भटकाव बताया। साथ ही 42 हजार जर्जर स्कूलों की स्थिति, सीएम राइज स्कूलों की प्रगति और रिफाइनरी परियोजना में देरी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि भरतपुर सहित कई जिलों की उपेक्षा यह दर्शाती है कि सरकार के पास स्पष्ट कार्ययोजना नहीं है।

डोटासरा ने भी जताई नाराजगी:-

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इसमें विकास की ठोस रणनीति नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि यमुना जल परियोजना और ईआरसीपी का उल्लेख तो किया गया, लेकिन बजट आवंटन और समयसीमा स्पष्ट नहीं है। निवेश, रोजगार सृजन और राइजिंग राजस्थान अभियान के ठोस परिणामों पर भी सरकार ने कोई स्पष्टता नहीं दी। जर्जर स्कूल भवनों के लिए लगभग 21 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होने के बावजूद पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया, जिससे शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियां बनी रह सकती हैं।

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