कजाकिस्तान में एमबीबीएस छात्र की दर्दनाक मौत, 23 साल के बेटे का पिता ने किया अंतिम संस्कार, हर किसी की आँखे नाम
कजाकिस्तान में एमबीबीएस छात्र की दर्दनाक मौत, 23 साल के बेटे का पिता ने किया अंतिम संस्कार, हर किसी की आँखे नाम
Father Perform Last Rites Of Rishiraj Baraith: सीकर, जिस बेटे को मां ने डॉक्टर बनाने का सपना लेकर अपने आंचल से हजारों किलोमीटर दूर भेजा था, वही बेटा कजाकिस्तान की एक सुनसान सड़क पर हमेशा के लिए खामोश हो गया।
लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के गांव सिंगोदड़ी निवासी 23 वर्षीय ऋषिराज बारैठ, जो साउथ कजाख मेडिकल एकेडमी (शिमकेंट) में एमबीबीएस फाइनल ईयर का छात्र था, की 6 जनवरी 2026 की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उसके साथ सफर कर रहे मेडिकल छात्र करण परमार की मौके पर ही जान चली गई, जबकि राहुल यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दो अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हैं और आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
यह हादसा कजाकिस्तान के अल्माटी से करीब 89 किलोमीटर दूर सुबह लगभग 7 बजे हुआ, जब शिमकेंट से अल्माटी जा रही कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। शनिवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच पिता और परिजनों ने ऋषिराज का अंतिम संस्कार किया।
चार महीने बाद मिलनी थी डॉक्टर की डिग्री
ऋषिराज के चाचा और शिक्षक कुलदीप सिंह बारैठ ने बताया कि मई 2026 में उसका एमबीबीएस कोर्स पूरा होने वाला था। पिता विक्रम सिंह, जो एक साधारण किसान हैं, ने खेतों में दिन-रात मेहनत कर बेटे को इस मुकाम तक पहुंचाया। मां किरण कंवर हर पूजा और व्रत में बेटे के डॉक्टर बनने की मन्नत मांगती रहीं।
बेटे को खोने के बाद मां का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा,
“मैंने अपने बेटे को लोगों की जान बचाने के लिए भेजा था, यह नहीं पता था कि यह आखिरी विदाई होगी।”
ऋषिराज का बड़ा भाई ऋतुराज सीकर कृषि उपज मंडी में संविदा पर कार्यरत है। दोनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई थी। इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।