सोलर प्लांटों की आड़ में खेजड़ी कटाई के विरोध में 2 फरवरी को बीकानेर संभाग मुख्यालय पर महापड़ाव
R.खबर ब्यूरो। खाजूवाला, सोलर प्लांटों के नाम पर खेजड़ी सहित अन्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के विरोध में पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी के तहत 2 फरवरी को बीकानेर संभाग मुख्यालय पर पर्यावरण प्रेमियों एवं समस्त सामाजिक संगठनों द्वारा एक विशाल महापड़ाव डाला जाएगा। महापड़ाव को सफल बनाने के उद्देश्य से क्षेत्र में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है।
जन-जागरण अभियान के तहत दंतौर रोड स्थित खाजूवाला बिश्नोई धर्मशाला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संत भागीरथ दास जी ने की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े साधु-संतों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया। संतों के सानिध्य में प्रस्तावित महापड़ाव को लेकर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई और सार्थक चर्चा की गई, जिससे उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि खेजड़ी जैसे संरक्षित और जीवनदायिनी वृक्षों की कटाई किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोलर परियोजनाओं के नाम पर पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे भविष्य के लिए घातक बताया गया। साथ ही कहा गया कि विकास के नाम पर प्रकृति से समझौता स्वीकार्य नहीं है।
बैठक में 2 फरवरी को होने वाले महापड़ाव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया। जन-जागरण अभियान के तहत गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जाकर लोगों को महापड़ाव में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा, साथ ही पेड़ों की महत्ता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल खेजड़ी बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक निर्णायक संघर्ष है। 2 फरवरी को बीकानेर संभाग मुख्यालय पर होने वाला यह महापड़ाव पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सशक्त आवाज बनेगा।
बैठक को स्वामी भागीरथ दास शास्त्री, आनंद प्रकाश जाम्भा महंत, परसराम खोखर, पप्पूराम डारा, महीराम बिश्नोई, रामगोपाल माल, सुभाष भाम्भु एवं हनुमानराम बिश्नोई ने संबोधित किया। इस अवसर पर दिलीप कुमार बोला, रामधन बिश्नोई, बनवारी लाल सिहाग, लुंबाराम खीचड़, धर्मपाल डेलू, रिछपाल फौजी, रामसिंह कस्वां, वेदप्रकाश खोखर, सोहनलाल खोखर, बृजेश खीचड़, ओमप्रकाश खीचड़, जयपाल मंडा, विजयपाल खीचड़, रविन्द्र डेलू, मनफूल सीगड़, शिवरतन धारणियाँ, गोपाल सिंवर, निर्मल डेलू, संजय गोदारा, संजय सियाग, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


