Medical Stores New Rules : राजस्थान के 35 हजार मेडिकल स्टोरों पर नए नियम से मंडराया खतरा! पढ़े पूरी खबर
Medical Stores New Rules : राजस्थान के 35 हजार मेडिकल स्टोरों पर नए नियम से मंडराया खतरा! पढ़े पूरी खबर
Rajasthan News: भरतपुर, राजस्थान में मेडिकल स्टोरों के संचालन और लाइसेंस नवीनीकरण के लिए कॉमर्शियल नक्शा अनिवार्य किए जाने के नए नियम ने फार्मासिस्टों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रदेशभर में इस फैसले के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है। राजस्थान फार्मासिस्ट संघ का कहना है कि यदि यह प्रावधान लागू रहा, तो राज्य की करीब 75 से 80 प्रतिशत दवा दुकानें सीधे प्रभावित होंगी और लगभग 35 हजार मेडिकल स्टोर बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
संघ के मुताबिक प्रदेश में इस समय लगभग 46,700 मेडिकल स्टोर संचालित हैं, जिनमें बड़ी संख्या कस्बों और ग्रामीण इलाकों में स्थित है। नए नियम के चलते इन दुकानों का लाइसेंस नवीनीकरण कराना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
यह नियम व्यवहारिक नहीं – नवीन तिवारी
प्रदेश अध्यक्ष नवीन तिवारी ने बताया कि अब तक मेडिकल स्टोर संचालन के लिए नोटरी पब्लिक एडवोकेट से प्रमाणित किरायानामा मान्य था, लेकिन खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा अचानक कॉमर्शियल नक्शा अनिवार्य कर देने से फार्मासिस्ट गंभीर संकट में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कॉमर्शियल भवनों की उपलब्धता लगभग नहीं के बराबर है, ऐसे में यह नियम पूरी तरह अव्यवहारिक है।
नवीन तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो दवा आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। आमजन को दवाइयों की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है और हजारों फार्मासिस्ट बेरोजगारी की स्थिति में पहुंच जाएंगे।
करीब एक हजार लाइसेंस नवीनीकरण होता है हर माह:-
संघ ने बताया कि प्रदेश में हर महीने करीब एक हजार मेडिकल स्टोरों का लाइसेंस नवीनीकरण होता है, जो नए नियम के कारण अटक सकता है। इससे न केवल कारोबार प्रभावित होगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा:-
नियम के विरोध में गुरुवार को राजस्थान फार्मासिस्ट संघ ने बयाना उपखंड अधिकारी दीपक मित्तल को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से कॉमर्शियल नक्शा अनिवार्यता को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
संघ की चेतावनी, प्रदेशव्यापी आंदोलन और तेज होगा:-
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं बदला, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में केमिस्ट और फार्मासिस्ट मौजूद रहे, जिन्होंने नियम को अव्यवहारिक बताते हुए सरकार से आमजन और स्वास्थ्य व्यवस्था के हित में फैसला वापस लेने की मांग की।