LPG Gas Cylinder Crisis in Rajasthan : ‘ग्राउंड ज़ीरो’ पर हालात हो रहे खराब- लोग परेशान, लेकिन ‘AC कमरों’ में बैठे मंत्री-अफसर कह रहे ‘ऑल इज़ वेल’, जानें ताज़ा हालात

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LPG Gas Cylinder Crisis in Rajasthan : राजस्थान में रसोई गैस की किल्लत अब गंभीर संकट का रूप लेती दिखाई दे रही है। प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार शाम प्रेस वार्ता कर दावा किया कि राज्य में गैस का “पर्याप्त स्टॉक” मौजूद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन जमीनी हालात इन दावों से अलग नजर आ रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्ट और सर्वे में सामने आया कि जयपुर से लेकर जोधपुर तक कई उपभोक्ताओं को एजेंसियों से ‘स्टॉक खत्म है’ और ‘गाड़ी नहीं आई’ जैसे जवाब सुनकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

मंत्री का दावा: विजिलेंस टीमें सक्रिय, 3 दिन में होगी डिलीवरी

खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बढ़ती पैनिक बुकिंग को देखते हुए कुछ नए नियम लागू किए गए हैं ताकि आपूर्ति व्यवस्था संतुलित रखी जा सके।

  • नई बुकिंग सीमा: अब शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता 45 दिन से पहले गैस रिफिल की बुकिंग नहीं कर पाएंगे।
  • विजिलेंस टीम का गठन: कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए हर जिले में कलेक्टर और एसपी के नेतृत्व में विशेष विजिलेंस दल तैनात किए गए हैं।
  • पॉइंट डिलीवरी पर रोक: अब एजेंसी पर जाकर सिलेंडर लेने की व्यवस्था बंद कर दी गई है। केवल घर तक डिलीवरी होगी और वह भी ओटीपी आधारित प्रक्रिया से।

ग्राउंड रिपोर्ट: 72% उपभोक्ताओं को मिला ‘नो स्टॉक’ का जवाब

सरकारी दावों के उलट, जमीनी हकीकत डराने वाली है। सर्वे के अनुसार:

  • लंबा इंतजार: करीब 45% उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए 7 दिन से अधिक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि 32% लोग पिछले 4 से 7 दिनों से रिफिल का इंतजार कर रहे हैं।
  • एजेंसियों के बहाने: लगभग 72.5% ग्राहकों को यह कहकर लौटा दिया गया कि ‘पीछे से सप्लाई नहीं आई’ या ‘स्टॉक खत्म हो गया है’।
  • भ्रामक मैसेज: कई जिलों में उपभोक्ताओं को ऐसे संदेश भी मिल रहे हैं कि उनका सालाना कोटा पूरा हो चुका है, जबकि वास्तव में उन्होंने इतना सिलेंडर लिया ही नहीं।

ब्लैक मार्केटिंग का खेल: ‘प्रीमियम’ देकर तुरंत सिलेंडर

गैस संकट के बीच कालाबाजारी भी तेजी से बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं। सर्वे में लगभग 15% लोगों ने बताया कि अतिरिक्त पैसे देने पर तुरंत सिलेंडर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मिला। इनमें करीब 60% मामलों में एजेंसी के कर्मचारी और 40% में डिलीवरी बॉय की भूमिका बताई गई। खासतौर पर सवाई माधोपुर और जयपुर से ऐसी सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं।

इन जिलों में सबसे ज्यादा परेशानी:-

गैस की कमी का असर केवल राजधानी तक सीमित नहीं है। सर्वे में जयपुर, जोधपुर, अलवर और टोंक में उपभोक्ताओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा श्रीगंगानगर, पाली, राजसमंद और बूंदी में भी गैस रिफिल को लेकर लंबी वेटिंग चल रही है। कई जगहों पर लोग सुबह से एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर:-

खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि यदि कहीं गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या अनियमितता की जानकारी मिलती है तो उपभोक्ता इन हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं—

  • 112 – पुलिस हेल्पलाइन
  • 14435 – विभागीय हेल्पलाइन
  • 181 – राजस्थान संपर्क

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