LPG Crisis in Rajasthan : घरेलू गैस सिलेंडरों को लेकर आई बड़ी खबर, गैस कंपनियों ने निकाले ये ‘आदेश’
LPG Crisis in Rajasthan :राजस्थान में घरेलू एलपीजी (LPG) गैस को लेकर आने वाले दिनों में किल्लत गहराने के संकेत मिल रहे हैं। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब प्रदेश की गैस सप्लाई चेन पर दिखने लगा है।
सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनियों ने गुरुवार को राजस्थान के 1300 से अधिक गैस वितरकों को एक आपात संदेश जारी कर जानकारी दी है कि अब घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य दिनों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम की जाएगी। इस कटौती का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और रिफिल सिलेंडर के लिए इंतजार का समय बढ़ सकता है।
क्यों बनी किल्लत की स्थिति?
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात पर असर पड़ा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में सप्लाई रूट प्रभावित होने से कंपनियों ने स्टॉक मैनेजमेंट के तहत कटौती का फैसला लिया है। राजस्थान में हर दिन हजारों टन गैस की खपत होती है, ऐसे में 20% की कमी एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
अब 7 दिन नहीं, 15 दिन तक का इंतजार संभव:-
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष दीपक सिंह गहलोत के मुताबिक, अभी तक प्रदेश में सप्लाई सामान्य थी और बुकिंग के 5 से 7 दिन के भीतर सिलेंडर मिल जाता था। लेकिन नई स्थिति में यह वेटिंग पीरियड बढ़कर 15 दिन या उससे अधिक हो सकता है। यानी उपभोक्ताओं को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा और समय रहते बुकिंग करनी होगी।
वितरकों पर बढ़ा दबाव, बड़े शहरों में ज्यादा असर:-
राजस्थान के 1300 से ज्यादा गैस वितरकों में इस फैसले के बाद हलचल बढ़ गई है। जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े शहरों में खपत अधिक होने के कारण रिफिल का बैकलॉग बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
वितरकों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो सप्लाई में और कटौती की जा सकती है, जिससे कालाबाजारी का खतरा भी बढ़ सकता है।
आम जनता और कारोबारियों पर असर:-
महंगाई से पहले ही जूझ रही आम जनता के लिए यह स्थिति दोहरी मार साबित हो सकती है। समय पर गैस न मिलना मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है। वहीं होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी चिंता है कि घरेलू गैस की कमी का असर कमर्शियल सप्लाई पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह: घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें:-
विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग करने की जरूरत नहीं है, लेकिन गैस का इस्तेमाल सोच-समझकर करना होगा।
- गैस की बर्बादी से बचें।
- समय रहते बुकिंग कराएं।
- अनावश्यक स्टॉक जमा न करें।
- साथ ही राज्य सरकार और रसद विभाग के सामने यह चुनौती होगी कि वे जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाएं और पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।