Jaipur: प्राइवेट बसों की हड़ताल के बीच बड़ी राहत, जयपुर की सड़कों पर उतरीं नई इलेक्ट्रिक बसें, शुरू हुआ ‘लोड टेस्ट’

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Jaipur: प्राइवेट बसों की हड़ताल के बीच बड़ी राहत, जयपुर की सड़कों पर उतरीं नई इलेक्ट्रिक बसें, शुरू हुआ ‘लोड टेस्ट’

Jaipur Electric Bus Trial Run: निजी बस ऑपरेटर्स और सरकारी प्रबंधन के बीच जारी विवाद के कारण जहां राजधानी में पिछले दो दिनों से यात्री परेशान हैं, वहीं सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक पहल सामने आई है। Jaipur City Transport Services Limited (JCTSL) ने शहर में प्रदूषण मुक्त और आधुनिक यातायात व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बुधवार से नई इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू कर दिया है।

अजमेरी गेट से एसएफएस तक परीक्षण:-

पीएम ई-बस योजना के तहत जयपुर को मिलने वाली 150 नई इलेक्ट्रिक बसों का तीन दिवसीय ट्रायल (26 से 28 फरवरी) किया जा रहा है। बसों की वास्तविक क्षमता जांचने के लिए इनमें निर्धारित भार रखकर इन्हें प्रमुख रूट्स पर चलाया जा रहा है। ट्रायल मानसरोवर के अग्रवाल फार्म, एसएफएस चौराहा और अजमेरी गेट जैसे व्यस्त मार्गों पर किया जा रहा है।

इस दौरान इंजीनियरिंग टीम बैटरी बैकअप, चार्जिंग समय, ब्रेकिंग सिस्टम और भारी ट्रैफिक में बसों के प्रदर्शन की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि संचालन से पहले सभी तकनीकी पहलुओं को परखा जा सके।

अप्रैल–मई से नियमित संचालन संभव:-

अधिकारियों के अनुसार, यदि ट्रायल सफल रहता है तो अप्रैल या मई से इन बसों का नियमित व्यावसायिक संचालन शुरू कर दिया जाएगा। पहले चरण की 150 बसें बगराना और टोडी डिपो से संचालित होंगी, जहां चार्जिंग स्टेशन और मेंटेनेंस सुविधाएं तैयार कर ली गई हैं।

बस चालकों और तकनीकी कर्मचारियों को हाई-टेक सिस्टम और सेफ्टी फीचर्स को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।

2026 तक 450 ई-बसों का लक्ष्य:-

विभाग की दीर्घकालिक योजना के तहत पहले चरण के बाद 168 और फिर 132 अतिरिक्त बसें शामिल की जाएंगी। लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक शहर में कुल 450 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हों।

इस पहल से न केवल वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि शहरवासियों की निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं में भी राहत मिलने की उम्मीद है।