राजस्थान में दिल दहला देने वाली घटना, मस्जिद के टॉयलेट में इमाम ने मजदूर को जिंदा जलाया, तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत
राजस्थान के टोंक जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। मालपुरा उपखंड के कलमंडा गांव में एक मस्जिद के इमाम ने मामूली विवाद के बाद एक मजदूर को टॉयलेट में बंद कर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसे पीड़ित की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना की शुरुआत बुधवार, 18 मार्च को हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मस्जिद के इमाम हाफिज अब्दुल रशीद बचे हुए खाने को कचरे में फेंक रहा था। इस दौरान वहां मौजूद मजदूर हकीम पिंजारा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अन्न को बर्बाद करने के बजाय जानवरों को खिला देना चाहिए।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जो जल्द ही तीखी बहस में बदल गई। हालांकि, ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। लेकिन इमाम के मन में नाराजगी बनी रही।
परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते इमाम ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। गुरुवार, 19 मार्च की सुबह करीब 9 बजे, जब हकीम मस्जिद में कुरान पढ़ने पहुंचे और शौचालय गए, तभी आरोपी ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।
इसके बाद उसने पहले से लाया गया पेट्रोल पीड़ित पर डालकर आग लगा दी। हकीम की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुके थे। उन्हें तुरंत जयपुर रेफर किया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी इमाम मौके से फरार हो गया। भागने के लिए उसने गांव के ही एक व्यक्ति जगदीश साहू की मोटरसाइकिल चोरी कर ली। ग्रामीणों के अनुसार, इसी बाइक का इस्तेमाल उसने पहले पेट्रोल लाने के लिए भी किया था।
मृतक हकीम जयपुर में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे और रमजान के चलते गांव आए हुए थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनका 20 वर्षीय बेटा और 22 वर्षीय बेटी, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं, बेसहारा हो गए हैं। परिवार में हकीम ही एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस चोरी हुई बाइक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।