Headphone : हेडफोन्स में खतरनाक केमिकल, स्टडी में हुआ खुलासा, महंगे हेडफोन भी सेफ नहीं
Headphone : हेडफोन्स में खतरनाक केमिकल, स्टडी में हुआ खुलासा, महंगे हेडफोन भी सेफ नहीं
हेडफोन्स को लेकर समय-समय पर कुछ स्टडीज आती रहती हैं ∣ इस बार जो स्टडी सामने आई है, उसमें पाया गया है कि सस्ते ही नहीं, बल्कि महंगे हेडफोन्स में भी कुछ खतरनाक केमिकल मिले हैं ∣
R.खबर ब्युरो ∣ मोबाइल और लैपटॉप के साथ हेडफोन अब रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं ∣ लोग घंटों हेडफोन लगाकर कॉल करते हैं, गाने सुनते हैं और काम करते हैं ∣ लेकिन एक नई रिसर्च में सामने आया है कि बाजार में बिकने वाले कई हेडफोन में ऐसे केमिकल मिले हैं ∣ जो सेहत के लिए ठीक नहीं माने जाते इस रिसर्च में अलग-अलग ब्रांड के कई हेडफोन जांचे गए ∣ सस्ते और महंगे दोनों तरह के मॉडल शामिल थे ∣ जांच में पाया गया कि लगभग सभी हेडफोन में कुछ ऐसे केमिकल मौजूद हैं जो प्लास्टिक को मजबूत बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं ∣ ये केमिकल लंबे समय तक त्वचा के संपर्क में रहने पर शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं ∣
रिपोर्ट में बताया गया है कि हेडफोन कान और चेहरे की स्किन को सीधे छूते हैं ∣ गर्मी और पसीने की वजह से इनमें मौजूद केमिकल धीरे-धीरे शरीर में जा जा सकते हैं ∣ रोज कई घंटे हेडफोन पहनने वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा हो सकता है ∣ खासकर बच्चे और युवा जो लंबे समय तक ईयरफोन लगाए रहते हैं ∣ उनके लिए यह चिंता की बात है ∣
स्टडी में यह भी सामने आया है कि ये केमिकल हॉर्मोन से जुड़ी दिक्कतें बढ़ा सकते हैं ∣ लंबे समय में इससे शरीर के बैलेंस पर असर पड़ सकता है ∣ हालांकि तुरंत कोई बड़ी बीमारी होने की बात नहीं कही गई है, लेकिन लंबे समय तक संपर्क में रहने से खतरा बढ़ सकता है ∣
ToxFree LIFE for All की रिसर्च
इस रिसर्च को यूरोप की एक संस्था ToxFree LIFE for All ने किया है ∣ इसमें 81 तरह के हेडफोन की जांच की गई ∣ जांच में पाया गया कि लगभग सभी हेडफोन में ऐसे केमिकल हैं जो सेहत के लिए ठीक नहीं माने जाते ∣ इनमें खास तौर पर BPA और BPS नाम के केमिकल मिले हैं ∣ ये प्लास्टिक को मजबूत बनाने में इस्तेमाल होते हैं, लेकिन लंबे समय तक शरीर के संपर्क में रहने पर नुकसान कर सकते हैं ∣
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ किसी एक कंपनी या सस्ते हेडफोन की समस्या नहीं है ∣ कई बड़े ब्रांड के हेडफोन में भी ऐसे केमिकल पाए गए हैं ∣ यानी यह दिक्कत पूरे बाजार से जुड़ी है ∣ अभी तक कंपनियां इस बारे में साफ जानकारी नहीं देतीं कि उनके प्रोडक्ट में कौन से केमिकल इस्तेमाल हुए हैं ∣
इस रिपोर्ट के बाद यह सवाल उठ रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कंपनियों को अपने प्रोडक्ट ज्यादा सुरक्षित बनाने चाहिए ∣ सिर्फ आवाज की क्वालिटी ही नहीं, सेहत की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है ∣ साथ ही सरकार और नियम बनाने वाली संस्थाओं को भी ऐसे प्रोडक्ट की जांच पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ∣
आम यूजर के लिए सलाह यही है कि हेडफोन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें ∣ बीच-बीच में कानों को आराम दें ∣ बहुत देर तक लगातार हेडफोन लगाकर काम या म्यूजिक सुनने से बचें ∣ अगर मुमकिन हो तो कभी-कभी स्पीकर का इस्तेमाल करें ∣ यह छोटी आदतें लंबे समय में आपकी सेहत के लिए बेहतर हो सकती हैं ∣