Cyber Crime: कॉलेज स्टूडेंट्स चला रहे थे ठगी का गिरोह, तीर्थस्थलों की फर्जी वेबसाइट से बुकिंग और AI का इस्तेमाल कर फ्रॉड; पढ़े पूरी खबर

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Cyber Crime: कॉलेज स्टूडेंट्स चला रहे थे ठगी का गिरोह, तीर्थस्थलों की फर्जी वेबसाइट से बुकिंग और AI का इस्तेमाल कर फ्रॉड; पढ़े पूरी खबर

Jaipur Cyber Crime Gang: तीर्थ यात्रा पर जाने से पहले सावधान हो जाइए। सोमनाथ, मथुरा-वृंदावन-काशी विश्वनाथ-नाथद्वारा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर रूम बुकिंग के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है। गुजरात पुलिस ने जयपुर से संचालित एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह युवकों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी वेबसाइट बनाकर श्रद्धालुओं से ठगी कर रहे थे।

किराए की प्रॉपर्टी से गिरोह संचालन:-

जांच में सामने आया कि गिरोह पिछले करीब पांच महीनों से जयपुर में किराए की प्रॉपर्टी से ऑपरेट कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने केवल सोमनाथ ट्रस्ट से जुड़े गेस्ट हाउसों की फर्जी बुकिंग के जरिए करीब 20 लाख रुपये ठग लिए। कुल 84 वारदातों का खुलासा हुआ है।

गिरफ्तार आरोपियों में सचिन हरसाना, अभिषेक उपाध्याय, राजकुमार प्रताप, शेरसिंह, माधव गुर्जर और विष्णुकुमार अवतार शामिल हैं। सभी कॉलेज छात्र बताए जा रहे हैं।

याें करते थे ठगी, एआइ का भी इस्तेमाल

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने गेस्ट हाउस की मूल वेबसाइट की डिजाइन, लोगो और तस्वीरों की कॉपी कर हूबहू दिखने वाली फर्जी साइट तैयार की। श्रद्धालुओं से क्यूआर कोड, यूपीआई और बैंक ट्रांसफर के जरिए भुगतान लिया जाता था। इसके बाद एआई से तैयार नकली रसीदें भेज दी जाती थीं।

कुछ मामलों में ऑनलाइन पूजा या दान के नाम पर लिंक शेयर कर लोगों को रीडायरेक्ट किया जाता और रकम वसूल ली जाती। जब यात्री गेस्ट हाउस पहुंचते, तो उन्हें पता चलता कि उनकी कोई बुकिंग ही नहीं है।

अन्य तीर्थस्थल भी निशाने पर:-

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने वृंदावन, काशी और नाथद्वारा में इस्कॉन और अन्य धर्मशालाओं के नाम से भी फर्जी वेबसाइट बनाई थी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

कई राज्यों से शिकायतें:-

‘1930 साइबर हेल्पलाइन पोर्टल’ के जरिए गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक और दिल्ली से शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी धार्मिक स्थल की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोत से ही करें और संदिग्ध लिंक से बचें।

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