बीकानेर: बेरोकटोक चल रही कटाई, अब यहां 26 खेजड़ी काटी
बीकानेर: बेरोकटोक चल रही कटाई, अब यहां 26 खेजड़ी काटी
बीकानेर। राज्य सरकार ने पूरे राजस्थान में राजकीय वृक्ष खेजड़ी की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल ने विधानसभा में ‘ट्री प्रोटेक्शन एक्ट’ लाने का आश्वासन दिया है। इसके लिए संबंधित पटवारी, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय होगी। सौर ऊर्जा कंपनियों की मनमानी पर भी अब लगाम लगेगी। लेकिन, बीकानेर में प्रशासन को इसकी परवाह ही नहीं है। ताजा घटना गाढ़वाला की है, जहां खेजड़ी के 26 पेड़ों पर आरी चलाकर धराशायी कर दिया गया है। फरवरी में खेजड़ी कटाई पर रोक आदेश जारी होने के बाद बीकानेर में अब तक 138 पेड़ काटे जा चुके हैं। एक भी मामले में प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की है।
फरवरी में पर्यावरण प्रेमियों ने बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आन्दोलन शुरू कर महापड़ाव डाला तो सरकार का ध्यान इस ओर गया। वार्ता के बाद पूरे प्रदेश में खेजड़ी कटाई पर रोक लगाने की घोषणा की गई। जिलों के कलेक्टर और राजस्व विभाग के अधिकारियों को खेजड़ी कटाई रोकने पर निगरानी रखने का जिम्मा सौंपा गया। इसके बाद 11 दिन चला महापड़ाव 12 फरवरी को स्थगित किया गया। इसके बावजूद बुधवार रात बीकानेर से मात्र 15 किमी दूर गाढ़वाला में नापासर की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते में खेजड़ी के 26 पेड़ काट दिए गए। ग्रामीणों के जहां खेजड़ी काटी गई है, वो 30 बीघा जमीन जेएनवी कॉलोनी निवासी प्रेमसिंह जाट की है।
दिन में वहां गाड़ियां पहुंची थी, जिसमें सवार लोगों ने निरीक्षण किया और चले गए थे। रात को 14 बीघा क्षेत्र में 26 खेजड़ियों पर आरी चलाकर उन्हें धराशायी कर दिया गया। गुरुवार सुबह जब पर्यावरण प्रेमियों ने खेजड़ी के पेड़ कटे देखे तो ग्रामीण इकट्ठा हुए और राजस्व विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। पटवारी, वनपाल और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और रिपोर्ट तैयार की। खेजड़ी के पेड़ किसने और क्यों काटे, इसका जवाब कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे सका। पटवारी राकेश डूडी, गिरदावर रामदेव सारस्वत, रेंजर महेश जाखड़, वनरक्षक मालम सिंह सहित ग्रामीण, वन्यजीव प्रेमी रामगोपाल बिश्नोई, हरिराम खीचड़, रामकिशन बिश्नोई मौजूद रहे।