बड़ी खबर: राजस्थान में प्रिंसिपल के तबादले और पदस्थापन पर हाईकोर्ट की रोक, पढ़े पूरी खबर
Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग द्वारा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रिंसिपल पदों पर की जा रही पदोन्नति में अनियमितताओं के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए राज्यभर में इन पदों पर प्रस्तावित स्थानांतरण और पदस्थापन आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने रामनिवास बगड़िया सहित अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विवेक श्रीमाली ने अदालत को बताया कि शिक्षा विभाग पिछले कुछ समय से प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल पदों पर पदोन्नति करते समय अपने ही निर्धारित नियमों और तय प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा है।
वरिष्ठता सूची में ऊपर स्थान:-
याचिका में आरोप लगाया गया कि कुछ अधिकारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से वरिष्ठता सूची में उन्हें अवैध रूप से ऊपर स्थान दिया गया, जिससे वास्तविक रूप से पात्र अधिकारियों के अधिकार प्रभावित हुए। इस संबंध में विभाग को कई बार प्रतिवेदन दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, राज्य सरकार की ओर से मामले पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया।
अगली सुनवाई 27 जनवरी को:-
खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जनवरी 2026 की तारीख तय की है। अदालत ने प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ताओं के तर्कों को गंभीर मानते हुए आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक शिक्षा विभाग प्रदेश के किसी भी उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल पद पर नया स्थानांतरण या पदस्थापन नहीं करेगा।


