रेल बजट में राजस्थान को बड़ी सौगात; रिकॉर्ड 10,228 करोड़ रुपए मिले, इस शहर से चलेगी पहली ‘स्लीपर वंदे भारत’

रेल बजट में राजस्थान को बड़ी सौगात; रिकॉर्ड 10,228 करोड़ रुपए मिले, इस शहर से चलेगी पहली ‘स्लीपर वंदे भारत’

जयपुर। केंद्र सरकार ने रेल बजट में राजस्थान के लिए रिकॉर्ड 10,228 करोड़ रुपए का आवंटन किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा रेल बजट माना जा रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार की राशि 2.68 लाख रुपए अधिक है। बजट में रेलवे की सुरक्षा, संरचना, इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और आधुनिकीकरण पर खास ध्यान दिया गया है। पूरे देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्यों को गति देने के लिए कुल 2.93 लाख करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है।

सोमवार शाम रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बजट में राजस्थान के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी दी। रेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान एक बड़ा प्रदेश है और यहाँ 56,000 करोड़ रुपए से अधिक के रेलवे विकास कार्य प्रगति पर हैं। इनमें अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों का पुनर्विकास सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

15 गुना से अधिक बजट मिला:-

रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान रेल बजट 2009-14 की तुलना में 15 गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 99 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। वर्ष 2014 से अब तक राज्य में रेलवे ट्रैक पर 1,514 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जा चुके हैं, और करीब 3,900 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का निर्माण किया गया है, जो डेनमार्क के कुल रेल नेटवर्क से भी अधिक है।

रेल मंत्री ने यह भी कहा कि चल रही सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि कई परियोजनाएं दो से पांच साल में पूरी हो रही हैं, जिससे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।

जोधपुर से चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारत:-

उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोच मेंटीनेंस के मामले में उत्तर पश्चिम रेलवे जोन अव्वल दर्जे में शामिल हो गया है। जोधपुर में बने स्लीपर वंदे भारत के मेंटीनेंस शेड की सुविधा से संभावित रूप से प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन जोधपुर से चलेगी।

इसके अलावा, जैसलमेर में पिट का निर्माण, खातीपुरा में मेंटेनेंस डिपो का काम तेजी से जारी है। जयपुर जंक्शन की सेकेंड एंट्री और गांधीनगर स्टेशन का कार्य भी अगले दो महीने में शुरू होगा।

दो महीने में तैयार होंगे 10 स्टेशन:-

अमिताभ ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में 77 स्टेशनों का पुनर्विकास चल रहा है। इसमें से 5 स्टेशनों का उद्घाटन हो चुका है और 4 स्टेशनों का कार्य पूरा हो गया है। अगले दो महीने में 10 और स्टेशन तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में 250 किलोमीटर रेलमार्ग पर कवच प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, ट्रेनों के संचालन और अन्य विकास कार्यों की भी जानकारी दी गई।

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