राजस्थान में राजपूत समाज का बड़ा ऐलान, पंचायत चुनावों में EWS आरक्षण की मांग से सियासी हलचल तेज

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राजस्थान में राजपूत समाज का बड़ा ऐलान, पंचायत चुनावों में EWS आरक्षण की मांग से सियासी हलचल तेज

अलवर (खेड़ली): राजस्थान में आगामी पंचायतराज और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले क्षत्रिय समाज ने EWS आरक्षण को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाते हुए अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। खेड़ली में आयोजित पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासमागम में उमड़ी भारी भीड़ के बीच शक्ति सिंह बांदीकुई ने दो टूक कहा कि अब सभी राजनीतिक दलों को EWS आरक्षण पर अपना स्पष्ट रुख बताना होगा।

महासमागम में EWS आरक्षण को मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने और इसे पंचायत चुनावों में भी लागू करने की मांग प्रमुखता से उठी। शक्ति सिंह ने कहा कि शिक्षा और रोजगार में बराबरी के अवसर दिए बिना सामाजिक न्याय की कल्पना अधूरी है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेघराज सिंह रॉयल (चेयरमैन, UGPF) ने शिक्षा, खेल और प्रतिभावान युवाओं के सहयोग पर जोर देते हुए सामाजिक एकता को भविष्य की नींव बताया।

महासमागम की प्रमुख मांगें:-

पूर्वी राजस्थान की 39 विधानसभाओं में राजपूत समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़े।
-EWS आरक्षण को केंद्र स्तर पर भी राजस्थान की तर्ज पर सरल बनाया जाए।
-क्षत्रिय इतिहास के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए सख्त कानून बने।
-शैक्षणिक परिसरों में जातिगत भेदभाव को पूरी तरह खत्म किया जाए।

समागम के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे माहौल जोश और उत्साह से भर गया। अंत में शक्ति सिंह बांदीकुई के नेतृत्व में हजारों लोगों ने पैदल मार्च निकालकर उपखंड अधिकारी को मांगों का ज्ञापन सौंपा।