भिवाड़ी ब्लास्ट: खाकी पर गहराया दाग! आरोपी का भाई ही था स्पेशल टीम का इंचार्ज, 7 मौतों के बाद विभाग में हड़कंप; DST भंग
भिवाड़ी ब्लास्ट: खाकी पर गहराया दाग! आरोपी का भाई ही था स्पेशल टीम का इंचार्ज, 7 मौतों के बाद विभाग में हड़कंप; DST भंग
Bhiwadi Blast: भिवाड़ी के खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद पुलिस महकमे में बड़ी हलचल देखने को मिली है। हादसे के तीसरे दिन डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) को भंग कर दिया गया। टीम का प्रभार हेड कांस्टेबल योगेश शर्मा के पास था, जो मामले में गिरफ्तार हेमंत शर्मा का भाई बताया जा रहा है। आरोपों के मद्देनजर उच्चाधिकारियों ने यह कदम उठाया है।
सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री का किरायानामा हेमंत शर्मा के नाम था, जबकि संचालन हेमंत सचदेवा द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। हेमंत की पत्नी ज्योति के नाम बीडीआई सोसाइटी में फ्लैट होने और वहां पुलिसकर्मियों के ठहरने की जानकारी भी जांच के दायरे में है। आईजी कार्यालय ने संभावित संरक्षण और अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। संबंधित पुलिसकर्मियों को रिजर्व लाइन भेज दिया गया है।
अवैध इकाई का वीडियो वायरल:-
हादसे के बाद एक वीडियो सामने आया है, जिसमें स्टील फैब्रिकेशन की आड़ में पॉपअप पटाखों का निर्माण होता दिख रहा है। वीडियो में महिलाओं और कथित तौर पर नाबालिगों से पैकिंग व निर्माण कार्य कराए जाने के दृश्य हैं, जिससे श्रम कानूनों और औद्योगिक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आरोप और गंभीर हो गए हैं।
कांग्रेस का प्रदर्शन, कड़ी कार्रवाई की मांग:-
घटना को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और अवैध इकाई के मालिक, संचालक व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। मृतकों के परिजनों को अधिक मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और घायलों के नि:शुल्क इलाज की भी मांग उठाई गई।
तिजारा कोर्ट में पेश, 4 दिन की पुलिस रिमांड:-
गिरफ्तार आरोपी हेमंत शर्मा और अभिनंदन तिवारी को तिजारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस अभिरक्षा में भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, किरायानामा हेमंत के नाम था और अभिनंदन तिवारी सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत था।
पुराने मामलों की फाइलें भी तलब:-
प्रशासन ने भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा गोदामों और निर्माण इकाइयों पर सख्ती बढ़ा दी है। 21 अक्टूबर 2024 को पथरेड़ी और 23 अप्रैल 2024 को बंदापुर औद्योगिक क्षेत्र में हुए विस्फोटों की फाइलें भी दोबारा खोली गई हैं। अधिकारियों ने रीको के साथ बैठक कर अनुमति, निरीक्षण और नोटिस प्रक्रिया की समीक्षा की है।
पहले भी उठे थे सवाल:-
पथरेड़ी प्रकरण में भूखंड निरस्तीकरण के बाद जल्द बहाली और गार्मेंट जोन में कथित पटाखा निर्माण जैसे मुद्दों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। बंदापुर विस्फोट में टीनशेड आधा किलोमीटर दूर जा गिरा था, लेकिन उस समय सख्त कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगे थे।
खुशखेड़ा हादसे में सात श्रमिकों की मौत और कई के घायल होने के बाद अब जांच एजेंसियां यह पड़ताल कर रही हैं कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएं।