शिक्षा के नाम पर ‘महाठगी’! फीस वसूलकर प्राइवेट स्कूल संचालक फरार, पढ़े खबर

शिक्षा के नाम पर ‘महाठगी’! फीस वसूलकर प्राइवेट स्कूल संचालक फरार, पढ़े खबर
राजधानी जयपुर के श्याम नगर जनपथ स्थित ‘ट्री हाउस हाई स्कूल’ के अचानक बंद होने से अभिभावकों में हड़कंप मच गया है। स्कूल संचालक राजेश भाटिया और भवन मालिक विनय चौरडिया के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा सीधे तौर पर बच्चों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
अभिभावकों का आरोप है कि संचालक ने बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल बंद कर दिया और फरार हो गया। हाल ही में फीस, किताबें और यूनिफॉर्म पर खर्च करने वाले परिजनों के सामने अब बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता खड़ी हो गई है।
फीस लेने के बाद स्कूल बंद करने का आरोप:-
परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन को पहले से स्थिति की जानकारी थी, बावजूद इसके नए सत्र से पहले पूरे साल की फीस जमा करवाई गई। साथ ही स्कूल परिसर से ही महंगी किताबें और ड्रेस भी बेची गईं। बिल्डिंग विवाद सामने आने पर भी अभिभावकों को आश्वस्त किया गया कि सब कुछ सामान्य है।
मान्यता रद्द और अनियमितताओं के आरोप:-
सूत्रों के अनुसार, CBSE ने गंभीर अनियमितताओं के चलते स्कूल की मान्यता रद्द कर दी थी। आरोप है कि फरवरी 2023 में जमीन बिकने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने परिसर पर कब्जा बनाए रखा और नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालन जारी रखा। इस मामले में ट्रस्ट से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और दो निदेशकों की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई है।
मौके पर हंगामा, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप:-
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुँचे और अभिभावकों का समर्थन किया। बढ़ते हंगामे को देखते हुए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान कुछ अभिभावकों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस भी हुई। मामले की शिकायत शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को दे दी गई है।
RTE छात्रों के भविष्य पर संकट:-
सबसे अधिक चिंता उन बच्चों को लेकर है जो RTE के तहत इस स्कूल में पढ़ रहे थे। सत्र के बीच में स्कूल बंद होने से उनके सामने नए स्कूल में प्रवेश की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले में रिपोर्ट तलब कर जांच शुरू कर दी है और जल्द कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
पहले दिन ही स्कूल के बाहर मिला ताला:-
एक अभिभावक ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही करीब 20 हजार रुपये फीस और यूनिफॉर्म के लिए जमा कराए थे, लेकिन जब बच्चा पहली बार स्कूल पहुँचा तो गेट पर ताला लगा मिला। ऐसे कई अभिभावक हैं जो खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।