FASTag Annual Pass: राजस्थान में रसोई गैस के बाद अब हाईवे पर सफर करना होगा महंगा, 1 अप्रेल से लागू होंगी नई दरें
रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम लोगों को एक और झटका लगने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के फैसले के बाद अब हाईवे पर सफर करना महंगा होने जा रहा है। एनएचएआई ने फास्टैग के वार्षिक पास की फीस में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अब यह पास 3000 रुपए के बजाय 3075 रुपए में मिलेगा। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। यह बढ़ोतरी भले ही मामूली नजर आए, लेकिन इसका असर देशभर में लाखों वाहन चालकों पर पड़ेगा।
देशभर में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन चालक हैं, जो नियमित रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करते हैं। अलग-अलग शहरों को जोड़ने वाले प्रमुख हाईवे पर रोजाना आवाजाही करने वालों को टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है, ऐसे में बढ़ी हुई फीस का सीधा असर उनकी जेब पर पड़ेगा।
निजी वाहनों के लिए लागू होता है फास्टैग वार्षिक पास:-
जानकारी के अनुसार यह बढ़ोतरी 75 रुपए की है, जिससे देशभर में करीब 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे। फास्टैग वार्षिक पास मुख्य रूप से गैर-व्यावसायिक (निजी) वाहनों के लिए लागू होता है, जिससे बार-बार टोल भुगतान की परेशानी से राहत मिलती है।
200 बार तक कर सकते हैं इस्तेमाल:-
एनएचएआई के अनुसार, वार्षिक पास लेने के बाद वाहन चालक एक वर्ष या अधिकतम 200 टोल यात्राओं तक बिना अतिरिक्त भुगतान के सफर कर सकते हैं। इसके बाद सामान्य टोल शुल्क लागू हो जाता है।
फास्टैग उपयोगकर्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी:-
अधिकारियों का कहना है कि फास्टैग के उपयोग को बढ़ावा देने और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करने के लिए यह व्यवस्था प्रभावी साबित हुई है। पिछले कुछ समय में फास्टैग उपयोगकर्ताओं की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। साथ ही डिजिटल भुगतान को भी बढ़ावा मिला है।
वाहन चालकों की जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ:-
हालांकि, शुल्क में बढ़ोतरी से आम वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कई लोगों का कहना है कि सड़क सुविधाओं में खास सुधार नहीं होने के बावजूद टोल शुल्क में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है।