नीरजा मोदी स्कूल केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, CBSE के आदेश पर लगाई रोक; 45 दिन बाद होगा पुनः निरीक्षण

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राजधानी जयपुर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट ने अहम अंतरिम फैसला सुनाया है। अदालत ने CBSE के 23 फरवरी के आदेश के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन को एक महीने के भीतर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

45 दिन बाद दोबारा होगा निरीक्षण:-

कोर्ट ने CBSE को निर्देशित किया है कि 45 दिन बाद स्कूल का पुनः निरीक्षण किया जाए। यदि निरीक्षण के दौरान कोई खामी पाई जाती है, तो बोर्ड को अदालत का रुख करने की अनुमति होगी।

स्कूल ने आदेश को दी थी चुनौती:-

मामले में स्कूल प्रशासन ने CBSE के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें कक्षा 11 और 12 की मान्यता रद्द कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान स्कूल की ओर से बताया गया कि संस्थान में लगभग 5500 छात्र अध्ययनरत हैं और यह वर्ष 2001 से संचालित हो रहा है।

पहले बढ़ाई मान्यता, फिर लिया यू-टर्न:-

स्कूल पक्ष ने यह भी दलील दी कि CBSE ने सत्र 2025-26 के लिए मान्यता को 2029 तक बढ़ाया था। इसके बाद 30 दिसंबर 2025 को कक्षा 9 से 12 तक की मान्यता रद्द कर दी गई। हालांकि, 23 फरवरी को कक्षा 9 और 10 की मान्यता बहाल कर दी गई थी।

घटना के बाद बढ़ा विवाद:-

1 नवंबर को कक्षा 4 की छात्रा अमायरा की चौथी मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद CBSE ने जांच समिति गठित की और उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई।

अभिभावकों और CBSE का पक्ष:-

अमायरा के परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है। वहीं CBSE का कहना है कि कार्रवाई से पहले स्कूल को नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर दिया गया था।

पेनल्टी राशि को लेकर भी आदेश:-

कोर्ट ने 5 लाख रुपये की पेनल्टी राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में रखने के निर्देश दिए हैं, जो अंतिम निर्णय तक सुरक्षित रहेगी। इसके साथ ही CBSE से उन स्कूलों की सूची भी मांगी गई है, जहां जरूरत पड़ने पर छात्रों को शिफ्ट किया जा सकता है।