पाकिस्तान भेजी जा रही थी खाटूश्यामजी मंदिर की लोकेशन और वीडियो, जासूसी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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सीकर/खाटूश्यामजी। देशभर में आस्था के बड़े केंद्र के रूप में प्रसिद्ध खाटू श्यामजी मंदिर अब अंतरराष्ट्रीय जासूसी साजिश के रडार पर आ गया है। गाजियाबाद पुलिस द्वारा एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से पकड़े गए इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों के मोबाइल फोन में कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के फोटो, वीडियो और लोकेशन डेटा मौजूद थे। इनमें खाटूश्यामजी मंदिर से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी शामिल है, जिसे पाकिस्तान भेजा गया था।

खुलासे के बाद बढ़ी सतर्कता:-

इस खुलासे के बाद खाटूश्यामजी मंदिर परिसर और कस्बे के भीड़भाड़ वाले इलाकों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। स्थानीय निवासी, व्यापारी और श्रद्धालु भी अब अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं।

मंदिर क्षेत्र में पहले से ही श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कमी, सफाई और संदिग्ध लोगों की निगरानी जैसे मुद्दे उठते रहे हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के सत्यापन और होटल-धर्मशालाओं में ठहरने वालों की जांच को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

6 आरोपी गिरफ्तार, बड़ा नेटवर्क उजागर:-

गाजियाबाद पुलिस ने इस जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों द्वारा देश के कई धार्मिक स्थलों के साथ-साथ खाटूश्यामजी क्षेत्र की फोटो और वीडियो भी पाकिस्तान भेजी गई थीं।

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों को पाकिस्तान से ऑनलाइन ट्रेनिंग, फंडिंग और निर्देश मिल रहे थे। देशभर में करीब 50 संवेदनशील स्थानों—जिनमें मंदिर, सैन्य क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल हैं—पर नजर रखने और सीसीटीवी लगाने की योजना थी। इस कार्रवाई में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमें भी शामिल रहीं।

पुलिस ने 29 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं हापुड़ में भी इसी तरह के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। संवेदनशीलता को देखते हुए एटीएस द्वारा यहां कई बार मॉकड्रिल भी की जा चुकी है, जिसमें संभावित आतंकी हमलों से निपटने की तैयारियों को परखा गया।

पहले भी उठते रहे हैं सुरक्षा पर सवाल:-

खाटूश्यामजी जैसे बड़े धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। फाल्गुन मेले के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती बन जाता है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रणाली को लेकर अभी भी कई कमियां बताई जाती हैं।

फरार अपराधियों के छिपने के मामले भी आए सामने:-

पूर्व में खाटूश्यामजी क्षेत्र में कई वांछित अपराधियों के छिपने के मामले सामने आ चुके हैं। मध्यप्रदेश के मुरैना में एक ही परिवार के 6 लोगों की हत्या के आरोपी सोनूसिंह राजपूत को पुलिस ने रींगस रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था, जो फरारी काटने के लिए खाटूश्यामजी जा रहा था। इसके अलावा अन्य राज्यों के कई अपराधी भी यहां मजदूरी के बहाने छिपते हुए पकड़े जा चुके हैं।

पुलिस ने क्या कहा:-

खाटूश्यामजी के उप पुलिस अधीक्षक राव आनंद के अनुसार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। होटल, धर्मशाला और गेस्ट हाउस की नियमित जांच की जा रही है। मकान मालिकों को किरायेदारों का अनिवार्य सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

— राव आनंद, उप पुलिस अधीक्षक, खाटूश्यामजी