राजस्थान में ‘गांव ग्वाला योजना’ लागू, गाय चराने के लिए मिलेगा मानदेय; मंत्री मदन दिलावर ने किया ऐलान
राजस्थान में ‘गांव ग्वाला योजना’ लागू, गाय चराने के लिए मिलेगा मानदेय; मंत्री मदन दिलावर ने किया ऐलान
Gaon Gwala Yojana: मदन दिलावर ने रविवार को रामगंजमंडी विधानसभा के खेड़ली गांव (चेचट) से गोवर्धन गांव ग्वाला योजना की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम में स्वामी रामदयाल महाराज की भी उपस्थिति रही, जिन्होंने नवचयनित ग्वालों को आशीर्वाद प्रदान किया।
योजना के शुभारंभ के साथ ही रामगंजमंडी क्षेत्र के 14 गांवों में वर्षों पुरानी ‘गांव ग्वाल’ परंपरा को फिर से जीवित किया गया है। मंत्री दिलावर ने चयनित 14 गांव ग्वालों को माला व साफा पहनाकर सम्मानित किया।
क्या है गांव ग्वाला योजना?
इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित गांव में एक “गांव ग्वाला” नियुक्त किया जाएगा। यह ग्वाला प्रतिदिन गांव के गोवंश को एकत्रित कर गोचर भूमि तक चराने ले जाएगा और शाम को सुरक्षित रूप से वापस उनके मालिकों को सौंपेगा।
हर गांव ग्वाला को इस कार्य के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। फिलहाल रामगंजमंडी क्षेत्र में 14 गांवों में ग्वालों की नियुक्ति की गई है। खास बात यह है कि योजना में सीधे तौर पर किसी सरकारी विभाग का हस्तक्षेप नहीं रहेगा।
स्थानीय बेरोजगारों को मिलेगा अवसर
मंत्री दिलावर ने बताया कि योजना के तहत गांव के ही बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे जहां गोवंश की देखभाल व्यवस्थित होगी, वहीं ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि फिलहाल इसकी शुरुआत कोटा जिले से की गई है और आने वाले समय में इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राजस्थान में लागू किया जाएगा।
गांव स्तर पर बनेगी निगरानी समिति
हर गांव में एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें भामाशाह, वार्ड पंच, सरपंच और अन्य ग्रामीण शामिल होंगे। यही समिति गांव ग्वाला के कार्यों की निगरानी करेगी और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखेगी।