Rajasthan: ताश खेलते हुए हुई मौत, अधूरी बाजी पूरी करने शमशान पहुंचे दोस्त, जलती चिता के पास बैठकर बांटे पत्ते… और

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Rajasthan: ताश खेलते हुए हुई मौत, अधूरी बाजी पूरी करने शमशान पहुंचे दोस्त, जलती चिता के पास बैठकर बांटे पत्ते… और

Rajasthan: हनुमानगढ़ जिले के नोहर कस्बे में शनिवार को श्मशान घाट पर एक भावुक और अनोखा दृश्य देखने को मिला। एक ओर चिता जल रही थी, तो दूसरी ओर कुछ बुजुर्ग ताश की बाजी खेलते नजर आए। पहली नजर में यह दृश्य हैरान करने वाला था, लेकिन इसके पीछे अपने मित्र को खास अंदाज में विदाई देने की भावना छिपी थी।

ताश के शौकीन थे मांगीलाल सैनी:-

नोहर निवासी 97 वर्षीय मांगीलाल सैनी लंबे समय से अपने दोस्तों के साथ रोज ताश खेलते थे। यह उनके लिए समय बिताने, दोस्तों से मिलने और मानसिक रूप से सक्रिय रहने का जरिया था। दो दिन पहले ताश खेलते समय अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे अधूरी बाजी छोड़कर इस दुनिया से विदा हो गए।

अंतिम संस्कार के दिन पूरी की अधूरी बाजी:-

शनिवार को सैनी कल्याण भूमि श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके नियमित साथी भी वहां पहुंचे। अपने मित्र की याद में उन्होंने वही अधूरी ताश की बाजी चिता के पास बैठकर पूरी की। कुछ की आंखें नम थीं, तो कुछ शांत भाव से खेल में जुटे थे। उनका कहना था कि यही मांगीलाल को सच्ची श्रद्धांजलि है।

97 की उम्र में भी थे जिंदादिल:-

परिजनों के अनुसार मांगीलाल सैनी उम्रदराज जरूर थे, लेकिन मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय थे। उन्हें अपने परिजनों और दोस्तों से जुड़ी हर बात याद रहती थी। वे मिलनसार और खुशमिजाज स्वभाव के थे।

नोहर में इस अनोखी श्रद्धांजलि की पूरे दिन चर्चा रही। लोगों का कहना था कि किसी को विदा करने का सबसे अच्छा तरीका वही है, जो उसकी पसंद और व्यक्तित्व को दर्शाए।

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