Crime News: ‘एसपी’ बनकर ठगी करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार, आरोपी ऐसे करता था ठगी
Crime News: ‘एसपी’ बनकर ठगी करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार, आरोपी ऐसे करता था ठगी
Crime News: भीलवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी को पकड़ा है, जो पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ऐंठता था। आरोपी तकनीक का इस्तेमाल कर खुद को जिले का एसपी बताकर कॉल करता और डर दिखाकर ठगी करता था।
साइबर सेल और रायला थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को मध्य प्रदेश–उत्तर प्रदेश बॉर्डर के बीहड़ों से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्येंद्र सिंह उर्फ देशपत यादव (26) निवासी टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह इलाका इन दिनों साइबर ठगों का उभरता ठिकाना बनता जा रहा है।
आरोपी ऐसे देता था वारदात को अंजाम:-
जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद योजनाबद्ध तरीके से ठगी करता था—
- RajCop Citizen App और अन्य राज्यों के ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी नंबरों से लॉगिन करता।
- वहां से ताजा दर्ज एफआईआर डाउनलोड कर संबंधित मोबाइल नंबर हासिल करता।
- खुद को एसपी या एसएचओ बताकर फरियादी या आरोपी को कॉल करता।
- केस में ‘मदद’ या ‘कार्रवाई रोकने’ का झांसा देकर क्यूआर कोड भेजता और रकम ट्रांसफर करवा लेता।
शक होने पर खुला राज
रायला निवासी जगदीश प्रसाद चौधरी को भी इसी तरह कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसपी बताते हुए मांडल थाने के मामले में सहयोग के नाम पर पैसे मांगे। जब पीड़ित ने नाम पूछा तो आरोपी ने टालमटोल करते हुए बात घुमा दी। एसपी ऑफिस आने की बात पर उसने जल्दबाजी का बहाना बनाकर कॉल काट दिया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी और जांच शुरू हुई।
दो दिन जंगल में डेरा, तब चढ़ा हत्थे:-
एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए लोकेशन एमपी-यूपी बॉर्डर के जंगल क्षेत्र में ट्रेस की। आरोपी खेतों और बीहड़ों में छिपकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। स्थानीय पुलिस के सहयोग से दो दिन तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया और अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने भीलवाड़ा के करीब 40 लोगों से संपर्क किया और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में सैकड़ों लोगों को निशाना बनाने की कोशिश की।
पुलिस की अपील:-
- पुलिस अधिकारी कभी भी फोन पर पैसे नहीं मांगते।
- किसी भी अनजान लिंक या क्यूआर कोड पर भुगतान न करें।
- किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को दें।